मॉडर्न स्कूल के प्राचार्य नीरज अवस्थी के अनुसार, स्कूल में छात्रों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश की जा रही है। विद्यार्थी कोविड गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही पहले की तरह शिक्षा से जुड़ें, यही हमारी प्राथमिकता है।
कोविड का कहर खत्म होने के साथ स्कूलों की ओर बढ़े विद्यार्थियाें के कदमों को अब सहयोग की डगर मिल रही है। लंबे समय बाद ऑनलाइन से सामान्य तरीकों पर लौटी शिक्षा व्यवस्था के लेकर विद्यार्थियों की उलझनें हैं। ऐसे में शहर के स्कूल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने लगे हैं, जिससे वह स्कूली गतिविधियों में बिना किसी दबाव के हिस्सा लेकर अपने चहुंमुखी विकास को सुनिश्चित कर सकें।
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कोई उलझन है तो शिक्षक देंगे ध्यान
मॉडर्न स्कूल के प्राचार्य नीरज अवस्थी के अनुसार, स्कूल में छात्रों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश की जा रही है। विद्यार्थी कोविड गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही पहले की तरह शिक्षा से जुड़ें, यही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए हम उन्हें एक बेहतर माहौल देने की कोशिश करते हैं। कोई भी दिक्कत होने पर छात्र शिक्षकों से खुलकर बात कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग तरह की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। स्कूल खुलने के बाद अलग-अलग तरह के कार्यक्रम, पढ़ाई, खेलकूद सबका दायरा विद्यार्थियों के लिए बढ़ा है। यह उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।
प्रोफेशनल काउंसलर की मिलेगी मदद
सीबीएसई की कोऑर्डिनेटर और एमिटी स्कूल की प्राचार्य रेनू सिंह का कहना है कि कोविड के बाद से स्कूलों का माहौल काफी बदला है। सामान्य कक्षाएं शुरू तो हुईं, लेकिन कई विद्यार्थियों का व्यवहार परिवर्तित नजर आया। छात्र पहले की तरह मौज-मस्ती और एक दूसरे से बातें करने से बचते नजर आए। कई बच्चों को ज्यादा देर तक लिखने में परेशानी आने लगी है। हम ऐसे बदलाव पर नजर रखते हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए प्रोफेशनल मदद भी ली जाती है। स्कूल में प्रोफेशनल काउंसलर की व्यवस्था की गई है। छात्रों के व्यवहार में कोई बदलाव दिखने पर शिक्षक उन्हें काउंसलर के पास भेजते हैं। इससे विद्यार्थियों का काफी फायदा मिलता है।
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रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाएंगी उत्साह
महर्षि विद्यालय के प्राचार्य उमेश सेंगर का कहना है कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रखने में रचनात्मक गतिविधियां बेहद प्रभावी भूमिका निभाती हैं। कोविड के बाद सभी का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। वयस्क समस्याओं का हल आसानी से निकाल सकते हैं। लेकिन बालमन की दिक्कतों को समझना हमारी जिम्मेदारी है। हमने स्कूल में रचनात्मक गतिविधियों का दायरा बढ़ाया है। जिससे विद्यार्थी खुश रहेें और उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बन सके। खेलकूद जैसी गतिविधियां भी बढ़ाई गई हैं, यह छात्र-छात्राओं का सामान्य दौर में लौटने में मदद दे रही हैं।