नोएडा। नोएडा में अब संपत्ति खरीदना सस्ता होगा। प्राधिकरण ने औद्योगिक को छोड़कर सभी संपत्तियों के ट्रांसफर शुल्क में कमी कर दी है। शुक्रवार को प्राधिकरण की 203वीं बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया।
बोर्ड बैठक सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय के बोर्ड रूम में ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से हुई। इसमें अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त व चेयरमैन नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार (ऑनलाइन), सीईओ रितु माहेश्वरी, ग्रेनो के सीईओ नरेंद्र भूषण, यीडा के सीईओ अरुणवीर सिंह व बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में विचार-विमर्श के लिए 25 प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखे गए। इनमें से जनहित के प्रस्ताव प्राधिकरण के संचालक मंडल के सामने रखे गए जिन पर संचालक मंडल ने अनुमोदन किया।
अब यह होगा ट्रांसफर शुल्क
- आवासीय भूखंड विभाग में भूखंडों या भवनों के ट्रांसफर शुल्क 5 के बदले अब 2.5 प्रतिशत
- ग्रुप हाउसिंग विभाग में भूखंडों या फ्लैटों के ट्रांसफर शुल्क 5 के बदले 2.5 प्रतिशत
- संस्थागत विभाग के अंतर्गत क्रियाशील कार्यालय भवनों के ट्रांसफर शुल्क 10 प्रतिशत के बदले 5 प्रतिशत
- औद्योगिक विभाग के अंतर्गत ट्रांसफर शुल्क 4 प्रतिशत यथावत रहेगा
- भवन विभाग के तहत आवासीय भवनों का ट्रांसफर शुल्क पहले 1990 तक 50 प्रतिशत, 1991-2000 तक 20 प्रतिशत, 2001 से 2002 तक 10 प्रतिशत और 2011 के बाद 5 प्रतिशत था, जो अब ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भवनों के लिए वर्तमान दर का एक प्रतिशत व शेष श्रेणी के भवनों के लिए वर्तमान दर का 2.5 प्रतिशत होगा। श्रमिक कुंज के लिए 12 हजार रुपये ट्रांसफर शुल्क यथावत रहेगा।
- वाणिज्यिक विभाग के अंतर्गत दुकानें, कियोस्क से लेकर अन्य भूखंडों के लिए शुरुआत में ट्रांसफर शुल्क पहले पांच साल तक 1500 रुपये प्रति वर्गमीटर अथवा कुल मूल्य का 10 प्रतिशत जो भी अधिक हो, रखा गया था। इसके अलावा पांच साल से आगे यह धनराशि प्रति वर्ष 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ अथवा कुल प्रीमियम का 10 प्रतिशत में से जो भी अधिक हो वह लेने का नियम था। अब वाणिज्यिक निर्मित दुकानों व कियोस्क का ट्रांसफर शुल्क वर्तमान दर का 2.5 प्रतिशत एवं अन्य वाणिज्यिक भूखंडों (स्पोर्ट्स सिटी परियोजना की ग्रुप हाउसिंग को छोड़कर) वर्तमान दर का 5 प्रतिशत लिया जाएगा।
संपत्ति खरीदने के लिए यह करना होगा
संपत्ति खरीदने पर 90 साल का एकमुश्त या वार्षिक लीज रेंट देना होता है। इसके अलावा प्राधिकरण के रेट पर तय ट्रांसफर शुल्क देना होता है। फिर रजिस्ट्री के लिए सर्किल रेट के आधार पर तय स्टांप शुल्क देना होता है।
यह होता है ट्रांसफर शुल्क
अगर आप 200 वर्गमीटर का कोई आवासीय भूखंड खरीद रहे हैं, जिसका प्राधिकरण का रेट 50 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर है तो प्राधिकरण के हिसाब से संपत्ति की कुल कीमत एक करोड़ रुपये होती है। संपत्ति खरीदने वाले को इसका ट्रांसफर चार्ज पांच प्रतिशत के हिसाब से पांच लाख रुपये प्राधिकरण को देना होता था। अब बोर्ड के निर्णय के बाद यह 2.5 प्रतिशत के हिसाब से 2.5 लाख रुपये देने होंगे यानी खरीदने वाले को 2.5 लाख रुपये की बचत होगी।
ट्रांसफर शुल्क खत्म करने की निवासियों की थी मांग
शहर के निवासियों ने प्राधिकरण की ओर से लगाए जाने वाले ट्रांसफर शुल्क को खत्म करने की मांग की थी। उनका कहना है कि यह निवासियों पर दोहरे बोझ के समान है। सर्किल रेट के हिसाब से संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान वह 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क देते हैं। फिर प्राधिकरण की ओर से रेट पर लगाया जाने वाला ट्रांसफर चार्ज नहीं लेना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए ट्रांसफर शुल्क में कमी की खबर राहत देने वाली है।