नोएडा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों के उल्लंघन के आरोप में नोएडा प्राधिकरण ने बुधवार को चार ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में बिल्डर के ऑफिस और क्लब को सील कर दिया। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के प्रावधानों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि कुछ सोसाइटियों में एसटीपी नहीं है वहीं कई में यह क्रियाशील नहीं हैं। दोनों ही मामलों में यह एनजीटी के मानकों का उल्लंघन है।
बुधवार को सीईओ रितु माहेश्वरी के निर्देश के बाद ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में बिल्डर के ऑफिस और बिल्डर के अधीन सोसाइटी के क्लब को सील कर दिया गया। वर्क सर्किल-3 और 8 के क्षेत्र सेक्टर-143बी प्लॉट नंबर-1ए के सिक्का कर्णम ग्रींस सोसाइटी, सेक्टर-108 के प्लॉट नंबर-1, 2 और तीन स्थित डिवाइन इंडियन इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के डिवाइन मिडोज, सेक्टर-47 के जलवायु टावर और सेक्टर-48 के एल्डेको आनंदा अपार्टमेंट में कार्रवाई यह कार्रवाई की गई है।
चार अन्य सोसाइटियों से हटाई सीलिंग
प्राधिकरण ने बुधवार को चार सोसाइटियों में की गई सीलिंग हटा ली। मंगलवार को सेक्टर-61 मार्बल होम्स, सेक्टर-61 प्रतीक फेडोरा, सेक्टर-61 गार्डेनिया ग्रेस और सेक्टर-52 के अंतरिक्ष नेचर में मेंटेनेंस ऑफिस और क्लब हाउस से सीलिंग हटा ली गई। कुछ स्थानों पर बिल्डर ने अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन को सोसाइटी हैंडओवर कर दी थी। कार्रवाई के बाद वहां निवासियों ने विरोध शुरू कर दिया था। जिसके बाद प्राधिकरण को फैसला वापस लेना पड़ा।
एसटीपी नहीं चलाने वाले 7 बिल्डरों पर 17 लाख जुर्माना
ग्रेटर नोएडा। नोएडा के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नहीं चलाने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को प्राधिकरण ने सोसाइटी में एसटीपी नहीं होने पर या एसटीपी संचालित नहीं करने वाले 7 बिल्डरों पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बिल्डरों को तीन दिन के अंदर राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर प्राधिकरण कानूनी कार्रवाई करेगा। प्राधिकरण ने एसटीपी दोबारा बंद मिलने पर दोगुना जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। वहीं जिन सोसाइटियों में एसटीपी प्लांट नहीं लगा है वहां बिल्डर को जल्द ही प्लांट लगाने को कहा गया है।
बुधवार को प्राधिकरण के जल-सीवर विभाग की टीम ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा की विभिन्न सोसाइटियों का औचक निरीक्षण करने पहुंची । निरीक्षण के दौरान 7 सोसाइटियों में खामियां मिली। दो सोसाइटियों में एसटीपी नहीं बना था। जबकि पांच सोसाइटियों एसटीपी को संचालित नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा अन्य सोसाइटियों में बिल्डर एसटीपी के पानी को ड्रेनेज सिस्टम में डाल रहे थे। जबकि सीवर के पानी को शोधित करने के बाद सोसाइटी में लगे पेड़-पौधों की सिंचाई में प्रयोग करने का नियम है। जांच के बाद विभाग ने 7 बिल्डरों पर जुर्माना लगाया है। सबसे अधिक ग्रेनो वेस्ट की ग्रीन आर्क सोसाइटी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि बाकी अन्य 6 सोसाइटियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
सभी बिल्डर को सोसाइटी में एसटीपी चालू करना होगा। एसटीपी के पानी को शोधित करने के बाद पेड़-पौधों की सिंचाई करनी होगी। इस संबंध में सभी बिल्डरों को निर्देशित किया गया है।- नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेनो प्राधिकरण
सोसाइटी सेक्टर जुर्माने की राशि
ग्रीन आर्क सोसाइटी टेकजोन-4 5 लाख
रॉयल कोर्ट 16-बी 2 लाख
एवीजे हाइट्स जीटा-1 2 लाख
एसोटेक स्प्रिंग फील्ड्स जीटा-1 2 लाख
पूर्वांचल हाइट्स जीटा-1 2 लाख
आम्रपाली ग्रैंड जीटा-1 2 लाख
सुपरटेक जार ओमीक्रॉन-1 2 लाख