नई दिल्ली। केशोपुर मंडी इलाके में दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के बोरवेल में हादसे की बात सामने आ रही थी, लेकिन मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने बयान जारी कर बताया कि डीएमआरसी ने यह बोरवेल नहीं बनाया और न ही इस्तेमाल किया है। जिस कमरे में बोरवेल है वह जल बोर्ड का है। जब डीएमआरसी ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र को निर्माण के लिए कब्जे में लिया था तो पहले से ही कमरे में बोरवेल था। डीएमआरसी ने कुछ महीनों में इस क्षेत्र में जल बोर्ड के लिए वैकल्पिक सड़क और गार्ड रूम का निर्माण किया है। ब्यूरो
युवक की हरकत पता करने के लिए पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
बोरवेल से निकाले गए युवक के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में घुसने के मकसद की पुलिस जांच कर रही है। इसके लिए सीसीटीवी की फुटेज को कब्जे में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि फुटेज से युवक की हरकत से पता चलेगा कि वह किस मकसद से आया था। हालांकि, जिस तरह कार्यालय में घुसा और केयरटेकर को देखकर बोरवेल वाले कमरे में चला गया। उससे चोरी करने के लिए घुसने की आशंका है। पहचान होने के बाद युवक पर कोई आपराधिक मामला दर्ज था या नहीं इसका पता चलेगा। फिलहाल, युवक की पहचान के लिए कोई भी सामने नहीं आया है।