ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 थाने में भाजपा नेताओं को हिरासत में रखने को लेकर हुए नोकझोंक का वीडियो वायरल होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में भाजपा नेताओं की ओर से दूसरा वीडियो वायरल किया गया है। भाजपा नेताओं ने ट्विटर और सोशल मीडिया पर इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर भाजयुमो जिलाध्यक्ष राज नागर समेत पांच जिलों के भाजपा नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी से मुलाकात करने के लिए लखनऊ रवाना हो गए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जिला पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर उन्हेें लखनऊ जाना पड़ रहा है।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष राज नागर ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि 23 एच्छर चौराहे पर बस और ट्रैक्टर की टक्कर हो गई थी। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। बस चालक बीजेपी कार्यकर्ता है। सूचना मिलने पर मंडल अध्यक्ष अतुल वहां पहुंचे। जिसके बाद दोनों पक्षों का समझौता हो गया था। चौकी इंचार्ज की सहमति से बस चालक की अस्पताल में पट्टी कराई। इसी दौरान कोतवाली प्रभारी 20 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और सूरजपुर मंडल अध्यक्ष अतुल व रजत तोमर समेत अन्य कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती गाड़ी में लेकर थाने आ गए। मंडल अध्यक्ष को तीन घंटे हवालात में रखा गया।
घटना के दूसरे दिन वायरल हुआ वीडियो
राज नागर का कहना है कि भाजपा नेता कार्यकर्ताओं को थाने ले जाने की सूचना पर वह 24 मई को थाने पहुंचे। तब एक घंटे तक थाना प्रभारी ने फोन नहीं उठाया। इस मामले में एसीपी से बात हुई तो उन्होंने थोड़ी देर में पहुंचने के लिए कहा। इसी बीच कोतवाली प्रभारी पहुंचे और आरोप है कि उन्होंने अभद्रता की। जब मारपीट की वीडियो एसीपी ने देखी तो मंडल अध्यक्ष और बीजेपी कार्यकर्ता मौजदूगी नहीं दिखी। दोनों कार्यकर्ताओं को हवालात से बाहर निकाला गया। इस मामले की शिकायत एसीपी ने कमिश्नर से करने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद 26 मई को कांट-छांटकर वीडियो वायरल किया गया। उनका कहना है कि इस प्रकरण से मंडल अध्यक्ष दहशत में है। उन्होंने पुलिस से जानमाल का खतरा जताया है। आरोप है कि इससे पहले भी बीटा-2 थाने में एक बीजेपी नेता को भी अवैध हिरासत में रखा गया था। तब भाजपा नेता पर एक पुलिसकर्मी से अभद्रता का आरोप लगा था। तब बीजेपी के पूर्व मंत्री से लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक मामला पहुंचा था।
कोट
इस मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मीनाक्षी कात्यान, डीसीपी ग्रेटर नोएडा