-सर्वाधिक 44 हजार दाखिले बीए प्रोग्राम कॉम्बिनेशन में हुए
-14 हजार विद्यार्थियों ने कराया बीकॉम में अपना दाखिला
-1.18 लाख ने एसओएल में कराया पंजीकरण अब तक
-80 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने जमा करा दी फीस
-डीयू के नियमित कॉलेजों की तीसरी सीट सूची का इंतजार
-बढ़ेगी एसओएल में संख्या, 15 सितंबर तक होंगे दाखिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित कॉलेजों के दाखिले के समान ही एसओएल(स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग) में भी बीए व बीकॉम प्रोग्राम दाखिला लेने में हिट साबित हो रहे हैं। एसओएल में अन्य प्रोग्राम के मुकाबले में इन्हीं दो कोर्सेज में सर्वाधिक दाखिले हो रहे हैं। डीयू के नियमित कॉलेजों में दाखिले के लिए तीसरी सीट आवंटन सूची के बाद एसओएल में दाखिला लेने वालों की संख्या और बढ़ जाएगी। वही पहले ही यहां दाखिला लेने की अंतिम तिथि को 31 अगस्त से बढ़ाकर 15 सितंबर तक कर दिया गया है।
लगभग दो महीने की दाखिल प्रक्रिया के दौरान अब तक एसओएल में करीब 1 लाख 18 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि 80 हजार से अधिक ने फीस का भुगतान कर अपने दाखिले को पक्का कर लिया है। इस बार अभी दाखिला लेने की रफ्तार थोड़ी धीमी है दरअसल ऐसा कहा जा रहा है कि कई छात्रों ने अन्य विश्वविद्यालयों या संस्थानों में दाखिला ले लिया है। अभी दाखिला प्रक्रिया समाप्त होने में 10 दिन का समय है ऐसे में उम्मीद है कि दाखिला लेने वालों का आंकड़ा बढ़ जाएगा।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (सीओएल) की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि स्नातक स्तर पर एक लाख 18 हजार पंजीकरण हुए हैं जबकि 80549 विद्यार्थियों ने फीस का भुगतान कर दिया है। सर्वाधिक 44 हजार दाखिले बीए प्रोग्राम कॉम्बिनेशन में हुए हैं। इनमें से बीए प्रोग्राम राजनीति विज्ञान कॉम्बिनेशन में 17 हजार दाखिले हो चुके हैं। जबकि बीकॉम में 14 हजार, राजनीति विज्ञान ऑनर्स में 11 हजार, बीकॉम ऑनर्स में 10 हजार, इतिहास ऑनर्स में सात हजार दाखिले हुए हैं।
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले लेते हैं आर्ट्स कोर्सेज में दाखिले
आर्ट्स से जुड़े कोर्सेज में ज्यादा दाखिला होने पर प्रो. मागो ने कहा कि राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, भूगोल जैसे कोर्सेज की पढ़ाई करके छात्र सिविल सर्विसेज की तैयारी करना चाहते हैं, इसलिए वह इन कोर्सेज में दाखिला लेने में ज्यादा रूचि दिखाते हैं। पीजी कोर्सेज की बात की जाए तो तीन हजार दाखिले हो चुके हैं। जबकि एमबीए के लिए 3800 उम्मीदवारों को शार्टलिस्ट किया गया है। बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस व मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस में 4580 पंजीकरण हुए हैं।