नोएडा। लापरवाही बरतने पर सरकारी एंबुलेंस में तैनात तीन चालक और तीन इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। आरोप है कि मोबाइल फोन का स्विच ऑफ कर एंबुलेंस में तैनात स्टाफ सो जाता था। इससे जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस सहायता के लिए नहीं पहुंच पाती थीं। एंबुलेंस सेवा का जिम्मा संभाल रही संस्था के लखनऊ मुख्यालय से ई-मेल के जरिये छह कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का आदेश आया है।
एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है। हटाए गए स्टाफ की जगह एक की नियुक्ति लखनऊ से हो चुकी है, जबकि दो और कर्मचारी जल्द नियुक्त हो जाएंगे। उन्हांने बताया कि एंबुलेंस में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एंबुलेंस का तेल चोरी होने का मामला भी सामने आया था। ड्यूटी के दौरान शराब पीना और फोन नहीं उठाने के कारण के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
हालांकि, एंबुलेंस सेवा की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। नियमानुसार एंबुलेंस में चालक के अलावा ईएमटी की तैनाती अनिवार्य है, लेकिन जनपद में चालक के भरोसे एंबुलेंस चलाए जाने के आरोप भी लगते रहे हैं। कुछ माह पहले बिना मरीजों के एंबुलेंस सड़कों पर दौड़ाकर फर्जी केस बनाकर सरकार से किराया वसूलने के आरोप लगे थे। फर्जी केस बनाने से इंकार करने पर एक एंबुलेंस कर्मी से अधिकारियों ने मारपीट भी की थी। मामला सेक्टर-39 थाने पहुंचा था।