फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: स्थानीय भाषा में पढ़ाई के साथ रिसर्च पेपर भी तैयार कर सकेंगे छात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
I-एआईसीटीई ने तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषाओं के माध्यम से छात्रों को जोड़ने को लांच की वाणी योजना I
विज्ञापन

Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIइंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर समेत अन्य तकनीकी कॉलेजों के छात्र अब स्थानीय भाषा में पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च पेपर भी तैयार कर सकेंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त तकनीकी कॉलेजों के छात्र वाणी (वाइबरेंट एडवोकेसी फॉर एडवांसमेंट एंड नर्चरिंग ऑफ इंडियन लैंग्वेज) योजना के तहत इसका लाभ उठा सकते हैं। इसमें भारतीय भाषा में पढ़ाई के साथ रिसर्च का मौका मिलेगा। I
विज्ञापन

Iएआईसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को उनकी स्थानीय भाषा में पढ़ाई के साथ रिसर्च में भी आगे बढ़ाना है। तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में छात्र स्थानीय भाषा में नए आयाम पढ़ेंगे।इसके लिए तकनीकी कॉलेजों को दो से तीन दिन के 100 कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप आदि 12 स्थानीय भाषा में ही आयोजित करनी होंगी। IIइनमें हिंदी, पंजाबी , गुजराती, उर्दू, मराठी, उड़िया, तेलुगु, असमी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, बांग्ला भाषा शामिल है। कॉलेजों को सेमीकंडक्टर, स्पेस एंड डिफेंस, ब्लूइकॉनमी, नेक्स्ट जेन कम्यूनिकेशन, स्मार्ट सिटीज एंड मोबिलिटी, एग्रोटेक एंड फूड प्रोसेसिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट एंड रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग एंड इंडस्ट्री 4.0 आदि पर कार्यक्रम करवाने होंगे। हर भाषा के लिए आठ कॉन्फ्रेंस आयोजित करनी होगी। जबकि हिन्दी में 12 कॉन्फ्रेंस आयोजित करवानी पड़ेंगी। इसके बदले एआईसीटीई सालाना दो करोड़ रुपए भी जारी करेगा।I
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें