जेवर। नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण से पहले जेवर के 6 गांवों के प्रभावित किसान परिवारों का सामाजिक समाघात निर्धारण (एसआईए) पर जनसुनवाई का काम पूरा कर लिया गया है। इस कार्य में जुटी गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय की छह सदस्यीय टीम एक सप्ताह में प्रशासन को अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।
सर्वे टीम के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक मिश्रा ने बताया कि करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हेरा, मुढरह, बीरमपुर गांव की 1185 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। तीन गांवों के 2500 किसानों को विस्थापित करना पड़ सकता है। टीम 1 नवंबर से इन गांवों में एसआईए सर्वे के दौरान तैयार ड्राफ्ट पर जनसुनवाई कर रही थी। अब किसानों के छूटे मुद्दों को ड्राफ्ट में जोड़कर रिपोर्ट तैयार होगी।
किस गांव की कितनी जमीन का होगा अधिग्रहण
कुल 1365 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित किया गया है। इसमें 124 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। इसे सीधा नागरिक उड्डयन विभाग के नाम करा दिया जाएगा। 57 हेक्टेयर जमीन का यमुना प्राधिकरण पहले से अधिग्रहण कर चुका है। करौली बांगर की 159 हेक्टेयर, दयानतपुर की 145, कुरैब की 326 रन्हेरा की 458, मुंढरह की 46 और बीरमपुर की 49 हेक्टेयर खेती की जमीन सहित कुल 1185 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया जाना है।