यूथ पैरा एशियन गेम्स में स्वर्ण और रजत पदक जीतने के बाद प्रवीण कुमार को सम्मानित किया गया। संवाद
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जेवर। टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक विजेता और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जेवर के लाल प्रवीण कुमार ने एक बार फिर ऊंची और लंबी कूद में जलवा बिखेरते हुए यूथ एशियन पैरा खेलों में स्वर्ण व रजत पदक झटक लिए। बहरीन में 2 से 6 दिसंबर तक हुए यूथ एशियन पैरा गेम्स में ऊंची कूद में स्वर्ण पदक एवं लंबी कूद में रजत पदक जीता। बृहस्पतिवार को जेवर के गांव गोविंदगढ़ और प्रज्ञान पब्लिक स्कूल में पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। टोक्यो पैरालंपिक में देश के लिए रजत पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार ने सफलता के सफर को जारी रखते हुए बहरीन में 4 व 5 दिसंबर को ऊंची और लंबी कूद में शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है।
प्रवीण ने 4 दिसंबर को यूथ एशियन गेम्स की ऊंची कूद प्रतिस्पर्धा में एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। वहीं, 5 दिसंबर को लंबी कूद प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया। बृहस्पतिवार दोपहर प्रवीण प्रज्ञान पब्लिक स्कूल जेवर पहुंचे। प्रवीण ने छात्र-छात्राओं को जीवन में सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि असहजता को सहजता से पार कर ही सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। विद्यालय के प्रबंधक हरीश कुमार शर्मा, प्रधानाचार्या दीप्ति शर्मा एवं विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने प्रवीण कुमार का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने प्रवीण को भविष्य में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दी।
तीसरी बार लहराया सफलता का परचम
पैरालंपिक प्रवीण कुमार ने एक बाद एक तीन बड़ी सफलताओं से देश का नाम रोशन किया है। बहरीन में खेले जा रहे यूथ एशियन पैरा गेम्स में प्रवीण ने स्वर्ण के साथ रजत पदक जीत सफलता के अभियान को जारी रखा है। प्रवीण की निगाहें पैरा एशियन के साथ ही वर्ल्ड चैंपियनशिप पर हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान भी वे दोनों प्रतियोगिताओं की तैयारी पर किसी तरह का असर नहीं आने देना चाहते। जेवर के गोविंदगढ़ निवासी प्रवीण कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक में 3 सितंबर को रजत पदक हासिल किया था। इसके बाद प्रवीण को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
पैरालंपिक में सफलता के बाद भी प्रवीण ने अपनी तैयारियों को उसी तरीके जारी रखा। इसी का नतीजा है कि बहरीन में यूथ एशियन पैरा गेम्स अंडर-20 में ऊंची कूद में गोल्ड व लंबी कूद में सिल्वर मेडल हासिल किया है। पिछले तीन माह में प्रवीण की तीनों बड़ी सफलता के बाद परिवार व क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्रवीण ने बताया कि खेलों के साथ वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान ही पैरा एशियन गेम्स शुरू हो गए, लेकिन उन्होंने परीक्षा की तैयारियों के साथ खेल को प्रभावित नहीं होने दिया। ऊंची कूद में गोल्ड मेडल हासिल करने के तुरंत बाद बहरीन से ही बीए इतिहास की परीक्षा दी थी।
वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरालंपिक में गोल्ड का लक्ष्य
प्रज्ञान पब्लिक स्कूल जेवर में स्वागत समारोह में पहुंचे प्रवीण कुमार ने बताया कि फिलहाल उनका लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियनशिप और आगामी पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। इसके लिए वह लगातार दिल्ली में रहकर अभ्यास कर रहे हैं। पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद प्रवीण को स्थानीय लोगों के अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ कई संस्थाओं ने पुरस्कार राशि से सम्मानित किया है। पैसा मिलने के बाद भी प्रवीण आज भी सामान्य व्यक्ति की तरह जीवनयापन कर रहे हैं। प्रवीण में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं आया है।