ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित डिजाइन आर्च ई होम्स सोसाइटी में दादरी निवासी सुशील कुमार के साथ सहमति संबंध में रही सपना उर्फ खुशी की हत्या का पुलिस ने करीब आठ माह बाद खुलासा कर दिया है। जांच के बाद शनिवार को पुलिस ने आरोपी सुशील को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुशील ने पुलिस को बताया कि सहेलियों संग फ्लैट में पार्टी करने से क्षुब्ध होकर उसने खुशी की हत्या कर दी थी। इसके बाद किआ सेल्टोस कार में शव को बोरे में बंद कर कोट नहर में फेंक दिया था।
सूरजपुर कोतवाली प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि सितंबर में बुलंदशहर के सलेमपुर के गांव गिनौरा जिनारदार निवासी खुशी लापता हो गई थी। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए बुलंदशहर में केस दर्ज कराया था। घटनास्थल सूरजपुर होने के कारण केस यहां स्थानांतरित किया गया था। पुलिस ने परिजनों के साथ मामले की जांच की और सूरजपुर स्थित उस फ्लैट की तलाशी ली जिसमें सुशील और खुशी रहते थे। उस दौरान वहां खुशी की चप्पल-दुपट्टा आदि मिला था। पुलिस ने शव छुपाने में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की है। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि 15 सितंबर को खुशी ने सहेलियों को बुलाकर फ्लैट में पार्टी की थी। इस पर उसका खुशी से झगड़ा हुआ तो उसने गला दबाकर हत्या कर दी।
शादी के लिए घर से बुलाकर लाया था
खुशी के भाई राजा शर्मा ने बताया कि तीन साल पहले खुशी एक कंपनी में नौकरी मांगने गई थी। सुशील दफ्तर में बैठता था। उसने खुशी की दफ्तर में ही नौकरी लगवा दी थी। सुशील विवाहित था, जबकि खुशी तलाकशुदा थी। कुछ माह बाद ही सुशील ने खुशी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा और नौकरी छुड़वाकर फ्लैट में रख लिया। सूरजपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में खुशी की मां शीला देवी ने कहा है कि सुशील 28 अगस्त को उनके घर से खुशी को यह कहकर ले गया था कि वह शादी कर अपने साथ रखेगा।
जिंदा साबित करने के लिए मृतका के मोबाइल से किए मैसेज
एसीपी सेंट्रल जोन पीपी सिंह ने बताया कि आरोपी ने पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए हत्या के बाद उसके मोबाइल से उसी के घर के आसपास जाकर खुशी के भाई के मोबाइल पर मैसेज किए थे। इससे परिजनों और पुलिस को खुशी के जिंदा होने की उम्मीद लगी। परिजनों ने जेवर में मिले शव के फोटो व हाथ पर लिखा खुशी और सुशील के शार्ट नाम से पहचान की है।