नोएडा। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच सोमवार सुबह 10 बजे से जनपद में 15 से 18 वर्ष तक के किशोरों का टीकाकरण शुरू हो जाएगा। शासन ने गौतमबुद्ध नगर जिले के 1,15,592 किशोरों को 15 जनवरी तक पहली डोज देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। टीकाकरण शुरू होने से एक दिन पहले ही उत्साह देखने को मिला। शाम 5 बजे तक करीब 99 फीसदी स्लॉट की बुकिंग हो चुकी थी। किशोरों के टीकाकरण के प्रति उत्साह देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तय समयसीमा से पहले ही लक्ष्य पूरा करने का दावा किया है।
किशोरों के टीकाकरण के लिए जिले में कुल 42 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 27 सरकारी केंद्रों पर निशुल्क और 15 निजी केंद्रों पर शुल्क देकर वैक्सीन की डोज लगवाई जा सकेगी। सभी केंद्रों की लिस्ट कोविन पोर्टल पर अपलोड होने के बाद रविवार सुबह बुकिंग के लिए स्लॉट खोल दिए गए है। किशोरों के टीकाकरण के प्रति उत्साहित अभिभावक सुबह से ही कोविन पोर्टल पर जुटे रहे।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लगभग सभी केंद्रों पर पहले दिन के लिए दोपहर तक ही बुकिंग फुल हो चुकी थी, जबकि देहात क्षेत्र के चुनिंदा केंद्रों के गिनेचुने स्लॉट ही उपलब्ध थे। किशोरों के टीकाकरण के लिए नोएडा में 6, ग्रेटर नोएडा में 7, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 3, दनकौर में 4, दादरी में 3 और जेवर में 4 सरकारी केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर देर शाम तक तैयारियां पूरी कर ली गईं। सभी केंद्रों पर डॉक्टरों की निगरानी में टीकाकरण होगा। तबियत बिगड़ने पर बेड से लेकर एंबुलेंस तक की व्यवस्था रहेगी।
वैक्सीन एक तो कीमत में अंतर क्यों..
जिले में 15 निजी केंद्रों पर शुल्क देकर वैक्सीन लगवाई जा सकेगी। हालांकि, स्लॉट बुकिंग के दौरान लोगों ने सरकारी केंद्रों को ज्यादा तरजीह दी। निजी केंद्रों में स्लॉट बाद में बुक हुए। इन केंद्रों में वैक्सीन की दो अलग-अलग दरों ने लोगों में भ्रम की स्थिति बनाई। दरअसल, कोविन पोर्टल पर आईकेयर, अपोलो सहित कुछ अन्य अस्पतालों में वैक्सीन की एक डोज की कीमत 1410 रुपये तो फोर्टिस, मदरहुड, सत्या, शारदा अस्पताल में कीमत 1200 रुपये दिखाई गई। जबकि हर जगह एक ही वैक्सीन लगाई जानी है।
वैक्सीन के साथ उपहार भी मिलेगा
निजी अस्पतालों ने किशोरों को वैक्सीन के लिए प्रेरित करने के लिए कई तरीके अपनाए हैं। फेलिक्स अस्पताल में 24 घंटे टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। वैक्सीन लगने के बाद किशोरों को उपहार दिए जाएंगे। साथ ही, टीकाकरण के लिए आने वाले हर बच्चे की हेल्थ स्क्रीनिंग होगी। जांच के बाद ही वैक्सीन लगाई जाएगी। अभिभावक भी इस दौरान फुल बॉडी चेकअप करा सकेंगे। केंद्रों पर सामाजिक दूरी की व्यवस्था की गई है।
आधार कार्ड नहीं तो भी चलेगा
किशोरों के टीकाकरण के लिए यदि किसी के पास आधार कार्ड नहीं है तो स्कूल के पहचान पत्र के आधार पर ही पंजीकरण और स्लॉट बुक कराया जा सकेगा। उक्त दोनों दस्तावेज नहीं है तो पासपोर्ट या राशन कार्ड का भी विकल्प उपलब्ध होगा। इनमें से कोई भी दस्तावेज न होने पर समाज कल्याण अधिकारी की लिखित अनुमति के आधार पर टीकाकरण कराया जा सकेगा।
घबराएं नहीं, सुरक्षित है वैक्सीन
बच्चों को वैक्सीन लगवाने में कुछ अभिभावकों को हिचक महसूस हो रही है, लेकिन विशेषज्ञों ने कोरोना से बच्चों को बचाने के लिए वैक्सीन का ही विकल्प सुझाया है। फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया व अन्य संस्थानों से प्रमाणित होने के बाद ही बच्चों की वैक्सीन को मंजूरी मिली है। वैक्सीन लगने के बाद दर्द, लालीपन, सुस्ती, बदन दर्द, बुखार और थकान जैसे कुछ लक्षण दिख सकते हैं, इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
इन बातों का रखें ध्यान
- अगर बच्चे को मधुमेह, रक्तचाप, अस्थमा, एलर्जी या दिल की कोई बीमारी है तो भी टीका लगवाया जा सकता है, लेकिन इससे पहले डॉक्टर से सलाह जरूरी है।
- अच्छी नींद लेकर और खाना खाकर ही टीका लगवाने के लिए बच्चों को लेकर जाएं। टीका लगने के बाद भी आराम कराएं।
- अगर बच्चा कोरोना संक्रमित हो चुका है तो रिकवर होने के बाद कम से कम एक महीने बाद टीका लगवाएं।
- टीका लगने के बाद भी कोरोना नियमों का पालन करने के लिए बच्चों को प्रेरित करें। मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बनाए रखें, हाथ धोते रहें।