नोटिस तक कार्रवाई सीमित, स्कूल नहीं कर रहे फीस समायोजित
100 से ज्यादा अलग-अलग स्कूलों के अभिभावकों ने भरा गूगल फॉर्म
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से स्कूलों को 15 प्रतिशत फीस समायोजित करने की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित रह गई है। 100 से ज्यादा अभिभावकों ने गूगल फॉर्म के जरिये इसकी पुष्टि की है। अभिभावकों का कहना है कि पहले कुछ स्कूलों ने फीस समायोजित करने के लिए सर्कुलर जरूर जारी किया था, लेकिन बाद में फीस समायोजित नहीं की। अभिभावक इन गूगल फॉर्म को जिलाधिकारी के पास जमा करेंगे। इनकी शिकायतों के आधार पर शिक्षा विभाग की स्कूलों के साथ मीटिंग होगी। वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि 150 से ज्यादा स्कूलों ने फीस समायोजित कर दी है।
जिले में 225 के करीब सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल हैं। इन स्कूलों ने कोरोना की वजह से सत्र 2020-21 में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया था। इसके बाद भी अधिकतर स्कूलों ने अभिभावकों से पूरी फीस वसूली थी, जबकि इस दौरान एक्टिविटी बंद थी। इसके विरोध में कुछ अभिभावक उच्च न्यायालय चले गए। इस पर उच्च न्यायालय ने स्कूलों को 15 प्रतिशत शुल्क लौटाने का आदेश दिया। इसके बाद प्रदेश सरकार ने निर्देश किए, लेकिन क्रियान्वयन नहीं हो पाया। फाउंडर एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन सुखपाल सिंह तूर ने बताया कि अभिभावकों से गूगल फॉर्म भरवाए गए थे। 100 से ज्यादा अभिभावकों ने स्कूलों की ओर से फीस समायोजित नहीं करने की पुष्टि की है। यह अलग-अलग स्कूलों के अभिभावक हैं। जिलाधिकारी की ओर से इस मामले में 100 स्कूलों पर एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया था, लेकिन स्कूल अपनी मनमानी करने के इरादों से टस से मस नहीं हुए। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि 150 से ज्यादा स्कूलों ने फीस समायोजित कर दी है। स्कूलों की तरफ से फीस समायोजित करने वाले छात्रों के नाम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग की ओर से 30 मार्च को भी स्कूलों को सर्कुलर भेजकर फीस समायोजित करने के लिए कहा गया है।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
इस मामले में रविवार को अभिभावकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। अभिभावकों का कहना है कि अधिकतर स्कूल 15 प्रतिशत फीस पर मनमानी कर रहे हैं। समाजसेवी अभीष्ट गुप्ता ने बताया कि प्राइवेट स्कूल सुप्रीम कोर्ट भी गए, लेकिन राहत नहीं मिली। सिर्फ फीस वापसी मुद्दे पर अंतरिम राहत मिली हुई है। जिलाधिकारी ने ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है।