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दो कंपनियों से वसूला 95.25 लाख अर्थदंड

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ग्रेटर नोएडा। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एस-जीएसटी) विभाग के सत्यापन में गड़बड़ी मिलने पर नोएडा सेक्टर-63 स्थित एक कंपनी पर 65.05 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग इसे अब तक की बड़ी कार्रवाई मान रहा है। विभाग के अपर आयुक्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि नोएडा जोन की विशेष अनुसंधान शाखा की जांच में सेक्टर-63 के जे-ब्लॉक स्थित एक निजी कंपनी में हेराफेरी सामने आई थी। कंपनी मैन्युफ्रैक्चरिंग और ट्रेडिंग का काम करती है। शिकायत मिली थी कि कंपनी बिना इनवॉइस के माल की बिक्री कर टैक्स चोरी कर रही है। इस पर संभाग-बी के संयुक्त आयुक्त मनोज विश्वकर्मा ने 25 मई 2021 को कंपनी की जांच की। इसमें जीएसटीआर-1 और 3बी में अंतर पाया गया। जांच में व्यापारी के स्टॉक में 240.50 लाख का माल कम पाया गया। व्यापारी ने 65.05 लाख रुपये बतौर जुर्माना विभाग के खाते में जमा कराया है।
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इसी तरह संभाग-ए के संयुक्त आयुक्त दिनेश कुमार दुबे के नेतृत्व टोल मैनेजमेंट सिस्टम, एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, चैनल मैनेजमेंट सिस्टम आदि की सप्लाई एवं इंस्टॉलेशन व मेंटेनेंस का कार्य करने वाली कंपनी की जांच की गई। प्राथमिक जांच पर व्यापारी 3 पैरामीटर में रेड फ्लैग (संदिग्ध) पाया गया। इनका रिस्क स्कोर 700 से अधिक था। जांच में सामने आया कि व्यापारी ने 303.04 लाख के 27 ई-वे बिल कैंसिल किए थे और 26.74 लाख के 27 ई-वे बिल एक्सटेंड किए थे। इसके अलावा अन्य कमियों को लेकर व्यापारी की केस प्रोफाइल तैयार कराई गई। जांच स्थल पर 103.5 लाख का माल अधिक पाया गया, जिसके एवज में व्यापारी से 30.20 लाख रुपये अर्थदंड के रुप मेें विभागीय खाते में जमा करवाया गया।
कंपनियों के हर हरकत पर विभाग बारीकी से नजर रखता है। इसी क्रम में दो कंपनियों के डाटा में हेराफेरी मिलने पर जांच कराई गई। दोष सिद्ध होने पर जुर्माना किया गया। - धर्मेंद्र सिंह, अपर आयुक्त एस-जीएसटी, गौतमबुद्ध नगर
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