नगीना। प्रधानमंत्री के आदेश के बावजूद हरियाणा शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा विभाग में तालमेल की कमी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसका खामियाजा जिले के सैकड़ों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला नगीना खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मरोड़ा में सामने आया है। जहां इसी स्कूल की 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले 156 छात्रों को 11वीं में दाखिला लेने से वंचित कर दिया गया है। मजबूरी में इन छात्रों को 8 से 10 किलोमीटर दूर पढ़ने के लिए जाना पड़ा है तो आसपास में ऐसे कई गांव है जिन की दूरी 15 किलोमीटर पड़ती है जिनमें 700 से अधिक विद्यार्थी हैं। इस तकलीफ के मद्देनजर 11 अगस्त को स्कूल 12वीं कक्षा में अपग्रेड कर दिया गया तथा 3 नवंबर को प्रिंसिपल का पद भी भर दिया गया। वहीं 30 अक्टूबर तक प्रदेशभर में दाखिला प्रक्रिया चलती रही। परंतु स्कूल प्रबंधन व जिला शिक्षा विभाग नूंह ने छात्रों के दाखिले कराने पर ध्यान नहीं दिया। हरियाणा शिक्षा विभाग भी इस हरकत से अनभिज्ञ रहा। मरोड़ा गांव की आबादी 8000 से अधिक है। आसपास एक दर्जन गांव पड़ते हैं इनमें कोई 12वीं का स्कूल नहीं है। यहां के 700 से अधिक बच्चों को नगीना और पिनगवां स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में दाखिले लेने पड़े हैं।
बड़े संघर्ष की बदौलत मरोड़ा गांव को 12वीं कक्षा का स्कूल मिला। किंतु कार्यवाहक प्रिंसिपल ने 11वीं और 12वीं में दाखिले नहीं लिए। हमने पूछा तो उन्होंने कहा कि दाखिले करने के आदेश नहीं मिले।
- मोहम्मद इकबाल खान, मरोड़ा
जानबूझकर 500-700 विद्यार्थियों को दाखिले लेने से वंचित कर दिया है। हमारे स्कूल के साथ मरोड़ा स्कूल भी 12वीं में अपग्रेड हुआ था। जहां 11वीं में 48 बच्चों ने दाखिला लिया। मरोड़ा में स्कूल में एक भी दाखिला 11वीं 12वीं कक्षा में नहीं हुआ।
- अब्बास खान, मरोड़ा
स्कूल प्रबंधन की गलती के कारण हमारी बहन बेटियां 10-15 किलोमीटर दूर पढ़ने जा रही है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो सके।
- गोपी किशन, पूर्व सरपंच मरोड़ा
मरोड़ा और उमरा स्कूलों में दाखिला करने के आदेश हरियाणा शिक्षा विभाग की तरफ से दिए गए थे। उमरा में दाखिले लिए गए हैं, लेकिन मरोड़ा में दाखिले क्यों नहीं हुए इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।
- हयात खान, बीईओ नगीना
कैप्शनऱ् 12वीं कक्षा में अपग्रेडेड मरोड़ा स्कूल