ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण ने पार्कों का रखरखाव नहीं करने और सेक्टर में लगे पेड़-पौधों की सिंचाई में लापरवाही बरतने वाली 9 फर्मों पर 5.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि फर्म के भुगतान से काटी जाएगी। सेक्टरवासियों की शिकायत पर अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान लापरवाही बरतने की बात सामने आई। जुर्माने के साथ ही सभी नौ फर्म को दो सप्ताह में कार्यों को पूरा करने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा है कि ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। निरीक्षण में यह बात सामने आई कि रखरखाव करने वाले फर्म पौधाें को पानी देने वाले टैंकर केवल कागजों पर चला रही थीं।
सेक्टरों के निवासियों की ओर से रोजाना गर्मी से झुलस रहे पौधों की शिकायत की जा रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक कपिल सिंह ने उद्यान के कार्यों की समीक्षा की। मौके पर निरीक्षण में पाया गया कि एक सप्ताह में सेक्टर पाई-1 और 2 में पेड़-पौधों की सिंचाई नहीं की जा रही थी। पार्क रखरखाव भी ठीक से नहीं किया जा रहा था। कागज पर श्रमिकों की संख्या अधिक दिखाई गई थी जबकि मौके पर मजदूरों की संख्या कम थी। नॉलेज पार्क वन में पौधे और पेड़ों का रखरखाव सही तरीके से नहीं किया जा रहा था।
निरीक्षण में यह बात सामने आई कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के प्रवेश द्वार पर लगाए गए पौधे पानी के अभाव में सूखने लगे थे। इसी तरह कई जगहों पर ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण कर लिया गया था जिसकी सूचना तक नहीं दी गई। कई स्थानों पर ग्रीनबेल्ट का रखरखाव भी नहीं किया जा रहा था। नॉलेज पार्क-5 में डी पार्क को विकसित करने के लिए कहा गया था लेकिन उसे समय पर विकसित नहीं किया गया था। नॉलेज पार्क तीन में पार्क और पौधों के अलावा ग्रीन एरिया का सही रखरखाव नहीं किया गया था। सेक्टर-तीन स्थित पार्क का रखरखाव और सिंचाई नहीं होने के कारण वहां लगे पौधे सूख रहे थे। टेकजोन-4, नॉलेज पार्क-4,10, 12, 16, 16 बी, 130 मीटर रोड व 105 मीटर रोड पर भी लापरवाही मिली है।
इन फर्म पर लगा जुर्माना
शरण एंड कंपनी पर 3 लाख रुपये, गार्डन पैराडाइस पर 75 हजार रुपये, इंदर सिंह पर 20 हजार रुपये, ग्रीनवेस कॉन्ट्रैक्टर पर 25 हजार रुपये, कीन एंड कोर डेवलपर्स पर 25 हजार रुपये, विनायक एक्सपो एम प्लाजा पर 70 हजार रुपये, शिवम कैटर्स पर 10,500 रुपये, जय दुर्गा कंस्ट्रक्शन पर 20 हजार रुपये और देवा नर्सरी एंड फार्म पर 20 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।