ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में हुए 126 करोड़ के भूमि घोटाले की जांच के दौरान घूसखोरी मामले में डीएसपी निशांक शर्मा के खिलाफ सीबीआई के आरोप पत्र और जमानती वारंट जारी करने के बाद एक बार फिर क्षेत्र में मामले की चर्चा होने लगी है। हालांकि, हाईकोर्ट ने डीएसपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बता दें कि एफआईआर में पुलिस अधिकारी का नाम आने के बाद सीबीआई ने ग्रेनो के तत्कालीन सीओ निशांक शर्मा को दिल्ली ले जाकर पूछताछ की थी। मामले में सीबीआई के निरीक्षक वीएस राठौर और एएसआई सुनील दत्त की भी गिरफ्तारी हुई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता की मध्यप्रदेश के दतिया से गिरफ्तारी हुई थी।
भूमि घोटाले में 3 जून 2018 को तत्कालीन कासना (अब बीटा-2) थाने में पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता समेत 21 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीसी गुप्ता को 22 जून 2018 को गिरफ्तार किया गया था। दस दिन रिमांड पर लेने के बाद जेल भेज दिया गया था। उस दौरान केस की जांच तत्कालीन ग्रेटर नोएडा प्रथम सीओ अमित किशोर श्रीवास्तव कर रहे थे। उनका नोएडा स्थानांतरण होने के बाद जांच तत्कालीन सीओ निशांक शर्मा को सौंपी गई थी। जांच में पुलिस ने 36 से अधिक आरोपियों के नाम सामने आने का दावा किया था। तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
सीबीआई ने केस हाथ में लेने से पहले प्राथमिक पड़ताल की थी। इसी दौरान गाजियाबाद में आरोपियों को मदद पहुंचाने की एवज में रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई इंस्पेक्टर वीएस राठौर को गिरफ्तार किया था। बाद में सीबीआई के एएसआई सुनील दत्त की भी गिरफ्तारी हुई थी। आरोपियों को बचाने के मामले में यूपी पुलिस के एक अज्ञात अधिकारी पर केस दर्ज किया गया था। फरवरी 2019 में तत्कालीन सीओ निशांक शर्मा से सीबीआई ने दिल्ली ले जाकर पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद अगले दिन ही सीओ वापस आ गए थे। इसके बाद तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने निशांक शर्मा को ग्रेटर नोएडा-प्रथम सीओ के चार्ज से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था।
ऐसे किया था घोटाला
बता देें यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मथुरा के सात गांवों में मास्टर प्लान के बाहर पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता के परिचित व रिश्तेदारों ने अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन खरीदी। इसके बाद इस जमीन का अधिग्रहण कर 126 करोड़ का घोटाला किया गया। जमीन खरीदने वालों ने 19 कंपनियां बनाकर 41 हेक्टेअर जमीन खरीदी थी।