ग्रेटर नोएडा। शहर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों का हब बनता जा रहा है। यहां निवेश करने वाली दक्षिण कोरिया की कंपनियों की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो गई है। दो और कंपनी ड्रीमटेक और स्टेरिऑन ने जमीन खरीदी है। दोनों ईकोटेक-10 में प्लांट लगाएंगी। ये कंपनियां करीब 433 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इस तरह पांचों कंपनियां यहां 1154 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी जिससे 8706 लोगों को रोजगार मिलेगा।
ग्रेटर नोएडा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। नोएडा एयरपोर्ट व ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर विदेशी कंपनियों का ध्यान लगातार खींच रहा है। अब तक पांच बड़ी कोरियाई कंपनियां यहां करीब 3.51 लाख वर्ग मीटर जमीन खरीद चुकी हैं। इनके प्लांट बहुत जल्द शुरू हो जाएंगे। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण लगातार प्रयासरत है। सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन के 30 दिन के भीतर उद्योगों के लिए जमीन आवंटित कर दी जाती है, ताकि जमीन प्राप्त करने में उनका ज्यादा समय खराब न हो। इसी पहल का नतीजा है कि कोरियाई कंपनियां भी ग्रेटर नोएडा में बड़े पैमाने पर निवेश करने की इच्छुक हैं। तीन बड़ी कंपनियां सैमक्वांग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स, केएच वैटेक इंडिया और सेनेटेक इंडिया पहले से जमीन लेकर ईकाई स्थापित कर रही हैं।
कोरियाई प्रतिनिधियों ने की एसीईओ से मुलाकात
कोरियाई कंपनियों के प्रतिनिधि एसीईओ दीपचंद्र से मिले। उन्होंने अपनी तरफ से सुझाव भी दिए। इस पर प्राधिकरण ने अमल करने का आश्वासन दिया। बैठक में प्राधिकरण के ओएसडी शिव प्रताप शुक्ला, प्रबंधक उद्योग मयंक श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रबंधक कपिल देव सिंह आदि मौजूद रहे।
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कंपनी सेक्टर निवेश रोजगार
सैमक्ववांग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स -ईकोटेक -10 -440 करोड़ -4000
केएच वैटेक इंडिया -ईकोटेक -6 -247 करोड़ -786
सेनेटेक इंडिया ईकोटेक वन एक्सटेंशन -34 करोड़ -350
ड्रीमटेक इंडिया -ईकोटेक-10 -193 करोड़ -2570
स्टेरिऑन इंडिया -ईकोटेक -10 -240 करोड़ -1000