नोएडा पुलिस ने सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी सेना से सेवानिवृत्त हैं। आरोपियों के पास से नकदी के अलावा दो कार और 14 मोबाइल भी बरामद हुए हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्नपत्र आउट कराकर परीक्षा पास कराने वाले सॉल्वर गैंग के 10 आरोपियों को सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रविवार को सेक्टर-61 से पकड़े गए आरोपियों के पास से 9.15 लाख रुपये नकद, चार लाख के दो चेक और 28 प्रवेश पत्र बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
आरोपी अलग-अलग परीक्षा पास कराने के नाम पर 20 से 50 लाख रुपये तक लेते थे। इनमें तीन आरोपी सेना से सेवानिवृत्त हैं। फिलहाल यह गिरोह हरियाणा की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के संपर्क में था। आरोपियों के पास से 2 कार और 14 मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। साल्वर गैंग के सारे आरोपी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास हैं।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि हरियाणा में रविवार को कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा थी। इसका दूसरा पेपर सोमवार को होना था। दोनों के प्रवेशपत्र के अलावा एक आउट कराया गया प्रश्नपत्र भी आरोपियों से बरामद किया गया है। परीक्षा में जितेंद्र यादव दीपक नाम के अभ्यर्थी के स्थान पर बैठने वाला था, लेकिन इससे पहले ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
आरोपियों की पहचान झज्जर निवासी विकास शर्मा, रेवाड़ी निवासी सुनील कुमार, चरखी दादरी निवासी सतनाम, सीकर निवासी वीरेंद्र यादव, जयपुर निवासी लायक, जितेंद्र यादव, महिपाल यादव, गोरखपुर निवासी अभिनव कुमार, अलवर निवासी लाखन सिंह, भोजपुर निवासी उमेश कुमार तातवार के रूप में हुई है। कुछ और आरोपी भी इनके संपर्क में थे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
सूचना थी बदमाशों की, पकड़ा गया सॉल्वर गैंग
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि बीती रात एसीपी रजनीश वर्मा को एक मुखबिर ने सूचना दी थी कि सेक्टर-61 में कुछ लोग गलत इरादे से आए हुए हैं और उनके पास मोटी रकम भी है। पुलिस को लगा कि बदमाश किसी वारदात की फिराक में हैं। मुखबिर की सूचना पर एसीपी रजनीश वर्मा ने टीम के साथ वहां दबिश दी। मौके पर 10 लोग मिले। सभी को हिरासत में लेकर थाना लाकर पूछताछ की गई तो मामला सॉल्वर गैंग से जुड़ा हुआ निकला।
ढाई वर्ष पहले बनाया था गिरोह
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सॉल्वर गिरोह ढाई साल पहले बनाया था। आरोपी कई राज्यों में पेपर पास कराकर मोटी रकम वसूल रहे थे। पकड़े गए दस आरोपियों में से सुनील कुमार सिपाही, सतनाम हवलदार और लाखन सेना में हवलदार थे। सॉल्वर गिरोह का जाल बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में फैला हुआ है।
20 से 50 लाख रुपये लेकर परीक्षाएं पास कराने वाले गिरोह के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की चैट से कुछ और लोगों की जानकारी मिली है। जल्द ही उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा। - रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा जोन।
20 लाख में सिपाही और 30 में दरोगा बनाने का करते थे दावा
नोएडा (मनोज कुमार)। सॉल्वर गिरोह का नेटवर्क छह राज्यों में फैला हुआ था। गिरोह सिपाही की परीक्षा पास कराने के लिए 20 लाख, दरोगा की परीक्षा 30 लाख और क्लास टू की परीक्षा पास कराने के लिए 50 लाख रुपये वसूलता था। पुलिस की पूछताछ में सॉल्वर गिरोह के आरोपियों ने इसका खुलासा किया है।
पुलिस का दावा है कि उक्त आरोपियों ने दो-ढाई साल में करोड़ों रुपये कमाए थे। खास बात यह है कि इनमें तीन सेवानिवृत्त फौजी हैं। इनके संपर्क में करीब 20 से 25 परिवार ऐसे हैं, जो सेना से ताल्लुक रखते हैं। आरोपियों ने उन्हें विश्वास में लेकर नौकरी लगवाने की एवज में लाखों रुपये एडवांस में ले रखे थे। आरोपियों के मोबाइल में मिले चैट में इसका खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक सतनाम, सुनील, विकास शर्मा, महिपाल और जितेंद्र सोमवार को होने वाले पेपर को आउट कराने की जिम्मेदारी थी। अभ्यर्थी को पहली बार में चार लाख रुपये देने थे और उसके परिजन रविवार को पैसे दे गए थे। बाकी पैसा परीक्षा पास होने के बाद दिया जाना था।
परीक्षाओं में पास कराने की सूची
आरोपियों द्वारा एसएससी की मल्टीटास्किंग नॉन टेक्निकल स्टाफ परीक्षा के लिए 35 लाख, राजस्थान राज्य विद्युत प्रशासन निगम की परीक्षा के लिए 25 लाख, नेशनल इलिजिबीलिटी कम प्रवेश परीक्षा के लिए 20 लाख, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड सीधी परीक्षा के लिए 35 लाख, हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन के लिए 40 और राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के लिए 50 लाख रुपये लेकर परीक्षाएं पास कराते थे।