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दम तोड़ रहा शौच मुक्त अभियान : यहां 90 हजार घरों में अब भी शौचालय नहीं

Tue, 26 Jul 2016 12:36 AM IST
शाहिद मेवाती/अमर उजाला, गुड़गांव
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खुले में शौच मुक्त करने के अभियान को लगभग 22 महीने हो गए हैं। परन्तु मेवात में इस अभियान के तहत मात्र 6467 ही शौचालय बन पाए हैं। जबकि 90 हजार घरों में अभी भी शौचालय की जरूरत है।
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हालांकि खुले में  शौच मुक्त बनाने के अभियान को गति दी जा रही है। प्रशासन भी इसे जमीनी स्तर पर सफल बनाने में जुटा है। इसके बावजूद मेवात में शौच मुक्त अभियान रफ्तार नहीं पकड़ रहा।

इस अभियान के तहत हर घर में शौचालय बनाने का अभियान शुरू किया गया था। मेवात में ओडीएफ (ओपन डिफीकेशन फ्री) के आंकड़े बेहद चौकाने वाले हैं। जिन्हें देखकर मेवात के खुले में शौच मुक्त का सपना मुश्किल नजर आ रहा है।
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इस अभियान के तहत जरूरतमंद लोगों को 12 हजार रुपये की राशी मुहैया कराकर 6467 ही शौचालय ही बनाए गए। इस अभियान के तहत खंड तावडू में 967, नूंह में 1701, नगीना में 1995, फिरोजपुर झिरका में 913 व पुन्हाना में 864 मात्र शौचालय बन पाए हैं।

अभियान के 22 महीने में मेवात के 427 गांवों में से प्रशासन की ओर से मात्र 19 गांवों को अभी तक ओडीएफ के लिए चुना है। जिनमें से इंटर डिस्ट्रिक्ट व स्टेट टीम ने मात्र 5 गांवों को ही ओडीएफ के लिए चुना है। जबकि बाकी गांवों में खामिया निकालकर उन्हें ओडीएफ में शामिल नहीं किया गया है।

19 जुलाई को जींद से आई इंटर डिस्ट्रिक्ट टीम ने चयनित गांवों का निरीक्षण किया। टीम द्वारा  तावडू  खंड के कलवाडी व सराय, नूंह खंड के गांव हिरमथला, नगीना के नोंटकी को ही ओडीएफ के लिए चिह्नित किया गया है।

फिरोजपुर झिरका व पुन्हाना इस अभियान में फिसड्डी साबित हुए हैं। मेवात का एक मात्र गांव बींवा को स्टेट टीम ने खुले में शौच मुक्त घोषित किया है। मेवात स्वच्छ अभियान के अधिकारी वरुण शर्मा का कहना है कि गांवों को संपूर्ण स्वच्छ बनाने व खुले में शौच मुक्त बनाने की दिशा में सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया हुआ है।

वात में खुले में शौच मुक्त को लेकर प्रशासन ने 13 जुलाई से लेकर 18 जुलाई तक स्वच्छ मेवात प्रशिक्षण अभियान की शुरूआत कर ब्लॉक स्तर पर ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया है।

इसके अलावा जिला, ब्लॉक व ग्रामीण स्तर कमेटियों का गठन भी किया गया है, जो ग्रामीणों को खुले में शौच जाने से रोकेगी और उन्हें शौचालय बनाने के लिए प्रेरित करेंगी।

उन्होंने कहा कि जो गांव संपूर्ण तरीके से खुले में शौच मुक्त होगा। उस गांव को सरकार की और से एक लाख की राशि दी जाएगी और जो लोग स्वयं शौचालय बनाएंगे उन्हें विशेष तौर पर सम्मानित किया जाएगा।

ओडीएफ में शामिल गांव: कलवाडी, सराय, पाड़ा झामुवास, मुबारिकपुर, फरदेड़ी, मानुवास, कुतुबगढ़, किरा, हिरमथला, दुबालू, छछेड़ा, छपेरा, बींवा, सीसवान जाटका, नोंटकी, हमजापुर, गुज्जर नंगला
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