दादरी के बढ़पुरा गांव के प्राचीन मंदिर के पास एक खंडहरनुमा मकान से दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मकरज के सफाई कर्मचारी को ग्रामीणों ने पकड़कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा। उसकी पहचान मूलरूप से बदायूं निवासी युवक के रूप में हुई है।
वह मरकज से निकलने के बाद लोनी में रह रहा था। वहां तबीयत खराब होने पर जारचा निवासी अपने दोस्त के पास पैदल जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने उसे जांच के लिए ग्रेटर नोएडा के कासना के जिम्स भेज दिया है।
मरकज के सफाई कर्मचारी के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे गांव को सैनिटाइज कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार को करीब 11 बजे बढ़पुरा गांव के प्राचीन मंदिर के पास खंडहर पडे़ मकान में एक युवक बैठा था।
करीब 30-35 साल के युवक को देखकर ग्रामीणों ने सामाजिक दूरी बनाते हुए पूछताछ की। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में युवक ने खुद को दिल्ली मरकज में सफाई करने वाले बताया। उसने बताया कि दिल्ली से निकलने के बाद वह कुछ दिन लोनी में रुका।
वहां उसकी तबीयत खराब होने लगी। उसके बाद शनिवार को जारचा अपने दोस्त के पास जाने के लिए पैदल चल दिया। पुलिस ने मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर युवक को उनके हवाले कर दिया।
दादरी अस्पताल के डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि युवक को खांसी हो रही थी। उसे जांच के लिए जिम्स भेज दिया गया है। वहीं ग्रामीणों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बढ़पुरा गांव को सैनिटाइज कराने की मांग की है।