दक्षिण पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने मलेशियाई एयरलाइंस में नौकरी लगवाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले विदेशी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले पुलिस ने एक नाइजीरियन युवक ओकोरी स्टीफन (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वीजा खत्म होने के बावजूद भारत में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, यह लोग एयरलाइंस में नौकरी के नाम पर अब तक 500 बेरोजगार युवाओं से ठगी कर चुके हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके साथियों का पता लगाने में जुटी है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एल-ब्लाक, महिपालपुर निवासी आशीष कुमार ने आईसीएमएस ऑनलाइन पोर्टल पर चार जून को ठगी की शिकायत की थी। उसने बताया कि कोरोना के कारण उसकी नौकरी चली गई थी। उसने नौकरी के लिए कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आवेदन किया था। अप्रैल, 2022 में मलेशियाई एयरलाइंस डॉट कॉम की तरफ से रिक्तियों संबंधी मेल आया। उसने मेल पर बायोडाटा भेज दिया। कुछ समय बाद उसे ऑफर लैटर मिला। उसमें 1.5 लाख प्रतिमाह रुपये पर एयरलाइंस में एयरक्राफ्ट टेक्नीशियन की नौकरी लगने की बात कही गई।
एजेंट से संपर्क करने पर उसने रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 109383 रुपये मांगे, जो उसने ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद से आरोपियों का मोबाइल बंद हो गया। पुलिस उस बैंक खाते की डिटेल निकलवाई, जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। मेल के आईपी एड्रेस की जांच में पता चला कि आरोपी ककरोला हाउसिंग कॉम्पलेक्स में रहता है। पुलिस ने यहां दबिश देकर आरोपी नाइजीरियाई व्यक्ति ओकोरी स्टीफन को गिरफ्तार कर लिया। पता चला है कि आरोपी 500 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं।
बिना वीजा रह रहा था आरोपी का पूरा परिवार
आरोपी ओकोरी स्टीफन का वीजा मई, 2014 में खत्म हो गया था। उसके खिलाफ 14 विदेशी एक्ट का भी मामला दर्ज किया गया है। इसकी पत्नी लोली का वीजा दो जुलाई, 2020 में खत्म हो गया था। पुलिस उसके साथी व पत्नी की तलाश कर रही है।