देश के विकास की गाड़ी को रफ्तार देने में जुटी मोदी सरकार ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत छह राज्यों के कई राष्ट्रीय राजमार्गों को चार, छह और आठ लेन बनाने की परियोजनाओं पर मुहर लगा दी है।
इसमें एनएच 24 (हापुड़ बाईपास) को छह से आठ लेन का किया जाएगा। एनएच 58 (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) को छह लेन का किया जाएगा।
एनएच 235 (मेरठ-बुलंदशहर) को भी छह लेन का किया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर 7,855.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सड़कों की पूरी लंबाई 150.14 किलोमीटर की होगी। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों का निर्माण भी शुरू किया जाएगा। एनएच 56 के सुल्तानपुर-वाराणसी सेक्शन को पूरा करने को मंजूरी दी गई है।
चौड़े होंगे हाइवे,जाम से मिलेगी निजात
केबिनेट कमेटी ऑन इकोनोमिक्स अफेयर्स के फैसले से एनसीआर से जुड़े शहरों को जाम से निजात मिल जाएगी। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद. बुलंदशहर, हापुड़ और मेरठ आदि शहरों को इसका लाभ मिलेगा।
सीसीईए ने बुधवार को फैसले में एनएच-24 (हापुड़ बाईपास) हाइवे को छह से आठ लेन करने का फैसला लिया है। इसी तरह दिल्ली-यूपी को जोड़ने वाले हाइवे एनएच-58 की चौड़ाई भी छह लेन की होगी।
इसके अलावा दिल्ली-यूपी के ही शहरों को जोड़ने वाले एनएच-235 (मेरठ-बुलंदशहर) को भी छह लेन का किया जाएगा। हाइवे की चौड़ाई बढ़ाने के लिए 7855.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दरअसल, दिल्ली से नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़ और मेरठ आदि शहरों को जोड़ने वाले हाइवे की चौड़ाई कम होने के कारण जाम ही जाम रहता है। पीक आवर में हालात और खराब रहते हैं।
अगर रास्ते में एक भी वाहन खराब हो जाए तो रास्ता बंद हो जाता है। नोएडा में बने उत्पाद सड़क मार्ग से दूसरे शहरों के लिए जाते रहते हैं। अगर हाइवे की चौड़ाई बड़ जाएगी तो उद्यमियों के साथ-साथ आम लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।