दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने दो दिन के बच्चे के हृदय की सर्जरी की है। बच्चा एक दुर्लभ जन्मजात ट्यूमर के साथ पैदा हुआ था। डॉक्टरों को 20 सप्ताह के गर्भ में ही उसकी मां के नियमित अल्ट्रासाउंड के दौरान ह्रदय में ट्यूमर का पता चला था।
ट्यूमर में गर्भ में भ्रूण के विकास को प्रभावित करने की क्षमता थी। इसलिए हर हफ्ते नियमित रूप से उसकी स्थिति की निगरानी की जाती थी। बच्चे के जन्म के बाद ट्यूमर को खत्म करने के लिए सर्जरी की गई जो सफल रही।
अस्पताल के सीनियर पीडियाट्रिक कार्डिएक सर्जन राजेश शर्मा ने बताया कि जन्म के समय बच्चे का वजन 3.2 किलो था ,लेकिन उसे सांस लेने में दिक्कत थी। उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने कहा कि एक सीटी स्कैन किया गया, जिसमें बच्चे के दिल में 7 सेमी चौड़ा ट्यूमर दिखाई दिया।
जो हृदय को बाईं ओर धकेल रहा था और फेफड़े को संकुचित कर रहा था।बच्चे की स्थिति अनिश्चित थी। इसको देखते हुए उसका ऑपरेशन करने की योजना बनाई। जन्म के दो दिन बाद ट्यूमर दिल से बड़ा था। जिसको सफलतापूर्वक हटा दिया गया।
डॉक्टर ने कहा कि ट्यूमर रक्तचाप में गिरावट का कारण बन रहा था और दाहिनी कोरोनरी धमनी से इसकी निकटता के कारण बच्चे को हृदय-फेफड़े की मशीन पर डालकर ट्यूमर को हटाने का काम पूरा किया गया।
अस्पताल से बाल चिकित्सा कार्डियोलॉजी के सलाहकार सर्जन आशुतोष मारवाह ने कहा कि सौभाग्य से फेफड़े या हृदय के कामकाज पर ट्यूमर का कोई महत्वपूर्ण हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ा है। बच्चे ने अच्छी रिकवरी दिखाई है और उसे छुट्टी दे दी गई है।