दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड(एनसीवेब) ने छात्राओं को रचनात्मक लेखन सिखाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। एनसीवेब ने छात्राओं के लिए 20 दिन की हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में ऑनलाइन रचनात्मक लेखन की कार्यशाला की शुरूआत की है। मंगलवार को कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को विविध जानकारी प्रदान की जाएगी।
कार्यशाला में यूजीसी केसचिव प्रो रजनीश मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने इस कार्यशाला की प्रांसगिकता को बताते हुए नई शिक्षा नीति की भी चर्चा की। प्रो रजनीश ने बताया कि नई शिक्षा नीति में भी लेखन कौशल की महत्ता को बताया गया है।
इसके साथ ही जीवन कौशल स्किल की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह जरुरी नहीं कि आप रचनात्मक लेखन केलिए कोई विशेष योग्यता रखते हों। यदि आपके पास लेखन की आकांक्षा है और सृजन शीलता है, तो आप रचनात्मक लेखक बन सकते हैं।
कार्यशाला में डीयू कुलपति प्रो पीसी जोशी ने कहा कि यह कार्यशाला एनसीवेब की छात्राओं के लिए विविध जानकारी प्रदान करेगी और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। जिससे उन छात्राओं में एक सकारात्मक उर्जा देखनें को मिलेगी।
कार्यशाला में एनसीवेब के अध्यक्ष प्रो राजीव गुप्ता भी उपस्थित थे। एनसीवेब की निदेशक डॉ गीता भट्ट ने कहा कि इस कार्यशाला के विविध सत्रों के द्वारा ऐसे व्याख्याताओं को हम सुनेगें जो कि कहीं न कहीं व्यावसायिक रूप से भी रचनात्मक लेखन से जुडे हुए हैं। इस कार्यशाला में लेखन केविविध आयामों को शामिल किया गया है जिससे कि छात्राओं को काफी कुछ सीखने को मिलेगा।