मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल बसी बसाई गृहस्थी तोड़ने का कारण बन रहा है। नवविवाहित और नौकरी करने वाले युवाओं के लिए यह खासी परेशानी की वजह बनता जा रहा है।
शादी के बाद मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेेमाल से पति और पत्नी के बीच शक की सूई घूमना शुरू हो जाती है। इससे शादी के टूटने तक की नौबत आ जाती है।
दिल्ली महिला आयोग की मानें तो शादी बचाए रखने के लिए रोजाना काउंसलिंग के लिए दर्जनों मामले आते हैं। इस दौरान आयोग में आने वाले लगभग 40 फीसदी मामलों में मोबाइल से रिश्तों में दरार आ रही है। जहां मोबाइल फोन से दिन भर चिपके रहने और छुपकर बात करने की शिकायतें बेहद आम हैं।
40 % मामलों में दरार की वजह बना मोबाइल
वहीं हाल ही में युवाओं के दिलोदिमाग पर चढ़ा व्हाट्स एप भी जिम्मेदार माना जा रहा है। खासकर पतियों की शिकायत रहती है कि उनकी पत्नियां देर रात और एकदम सुबह से ही व्हाट्स एप से चिपकी रहती हैं। वहीं, पत्नियों का आरोप होता है कि पति के फोन में अन्य लड़कियों के मैसेज रहते हैं।
इस संबंध में दिल्ली महिला आयोग की सदस्या रूपेंद्र कौर कहती हैं कि मामलों को देखने से पता चलता है कि लड़के अभी भी 19वीं सदी में जी रहे हैं जबकि लड़कियां 22वीं में पहुंच गई हैं। वैसे तो अधिकांश मामलों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल समस्या बनकर ही उभरा है, लेकिन नौकरीपेशा वालों में दफ्तर के सहयोगियों से बात करने पर शक होेने से रिश्ते गड़बड़ाने लगते हैं।
वहीं आयोग की सदस्य सुधा टोकस और जूही खान का मानना है कि मोबाइल फोन भी रिश्तों में खटास का कारण बन रहा है। लेकिन आयोग मोबाइल फोन से पुलिस के माध्यम से पूरी जानकारी निकलवा कर ऐसे संदेहों को दूर भी करता है।
पति ने कहा, छुपकर बातें करती है पत्नी
आयोग के पास लगभग दो महीने पहले राजौरी गार्डन के पास रहने वाले एक दंपति का मामला आया। जिसमें पति ने आरोप था कि पत्नी का कहीं और संबंध है और वह छुपकर बातें करती रहती है।
इसी बात पर पत्नी कई महीने मायके में रही। आयोग में पहुंचने पर जब उन्होंने लड़की के फोन की डिटेल निकलवाई तो ऐसा कुछ नहीं निकला। लड़की किसी अन्य के बजाय परिवारजनों से बात करती थी।
पत्नी दिन भर व्हाट्सएप पर लगी रहती है
दूसरी घटना भी ऐसी ही है। लगभग एक हफ्ते पहले ही एक पंजाबी परिवार का मामला आया है जिसमें पति विदेश में नौकरी करता है।
जब वह पत्नी को साथ ले गया तो उसने कहा कि पूरा दिन व्हाट्स एप और फोन से लगी रहती है और लड़ती है। वहीं पत्नी का कहना है कि आरोप निराधार हैं। हालांकि अभी मामले की काउंसलिंग चल रही है।
पति ने कहा, पत्नी का फोन ही ले लिया जाए
तीसरी घटना तो इन सब से अलग हैं, जहां पति ने पत्नी का फोन ही ले लेने की गुजारिश कर दी। लगभग डेढ़ महीने पहले दिल्ली के ही एक दंपति का मामला आया।
जिसमें लड़के ने सुलह करने के लिए आयोग से गुजारिश की कि उसकी पत्नी से मोबाइल फोन हमेशा के लिए ले लिया जाए। लड़की भी जॉब करती थी। पति का आरोप था कि वह सबसे अलग कमरे में या छत पर जाकर बात करती है। हालांकि कई मीटिंग में मामला सुलझाया जा सका।