जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और देवबंद दारुल उलूम के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हम महिला शिक्षा के नहीं बल्कि को-एजुकेशन के खिलाफ है। क्योंकि मुस्लिम लड़कियों को सह-शिक्षा प्रणाली धर्मत्याग की ओर ले जा रही है। उनका कहना है कि यह सुनियोजित तरीके से मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाकर किया जा रहा है। सह-शिक्षा पर जल्द से जल्द अंकुश लगाना बेहद जरूरी है।
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मदनी ने रविवार को जमीयत की कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अगर समय रहते इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया तो आने वाले कुछ दिनों में स्थिति विस्फोट हो सकती है। प्रमुख मुस्लिम निकाय के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी दावा किया है कि आर्थिक समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए देश में धार्मिक अतिवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, 'धार्मिक नफरत और संप्रदायवाद के आधार पर लोगों को बांटने का यह खेल देश को बर्बाद कर देगा। नौजवानों को वास्तविक मुद्दों से लंबे समय तक भटकाया नहीं जा सकता। तो वह दिन दूर नहीं जब ये नौजवान सड़कों पर विरोध करते नजर आएंगे।'