हरियाणा के भावी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी होने और आरएसएस प्रचारक होने का इनाम मिला है। विधानसभा चुनावों में जबरदस्त सफलता हासिल करने वाली हरियाणा भाजपा के दिग्गज नेता खट्टर पहले भी लगातार चर्चा में रहे हैं।
विधानसभा चुनावों से पहले एक इंटरव्यू में खट्टर ने दो ऐसे विवादित बयान दिए हैं जिनसे काफी हंगामा हुआ है। चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे खट्टर ने 'लड़कियों के कपड़ों' और 'शादी से पहले सेक्स' को लेकर टिप्पणी की थी।
बचपन से ही संघ से जुड़े खट्टर का खाप के फैसलों की तारीफ करने वाला बयान आने के बाद लोग उन्हें भी आधुनिकता विरोधी कहने लगे थे। बता दें कि हरियाणा में पहले भी कई खाप पंचायतों ने लड़कियों के कपड़ों को लेकर फरमान जारी किए थे। आगे की स्लाइड में पढ़िए खट्टर का पूरा बयानः
'लड़कों को आकर्षित करते हैं लड़कियों के छोटे कपड़े'
आईबीएन लाइव से बातचीत में खट्टर ने लड़कियों की पोशाक को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि लड़कियों को ऐसे कपड़े बिल्कुल नहीं पहनने चाहिए जिससे कि लड़के उनकी तरफ आकर्षित हों।
उन्होंने कहा कि खाप पंचायतों के फरमान इस मामले में बिल्कुल सही हैं क्योंकि वे कहीं न कहीं भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए प्रयास कर रही हैं।
खट्टर के मुताबिक, खाप पंचायतें एक लड़का और लड़की को भाई-बहन के नजरिए से देखने की परंपरा को बरकार रखना चाहती हैं। वे चाहती हैं कि लड़का-लड़की एक दूसरे को गलत नजर से न देखें। ऐसे फरमानों से रेप के मामले भी रुकेंगे।
'उलटी सोच है शादी से पहले सेक्स'
खट्टर ने कहा, "शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाना उलटे दिमाग वाले लोगों की सोच है। शादी से पहले सेक्स एक धब्बा है जो समाज को गंदा कर रहा है। यह एक कुरीति है। लड़का-लड़की के बीच विवाह के बाद संबंध बनने चाहिए न कि उसके पहले।
शादी से पहले संबंध बनाने वाले युवक-युवतियों के दिमाग सही रास्ते पर नहीं होता। ये सब 'उलटी सीधी चीजें' ही करते हैं।
आजादी का मतलब ये नहीं है कि वे नग्न होकर बाहर घूमें। आजादी की भी एक सीमा होती है। छोटे कपड़े पश्चिमी सभ्यता की देन हैं हमारी संस्कृति लड़कियों को अच्छे कपड़े पहनने के लिए कहती है।"
बयान देकर घिरे खट्टर!
हालांकि खट्टर् के इन बयानों का विरोध उन्हीं की पार्टी के नेता अनिल विज ने किया है। अंबाला कैंट से चुनाव लड़ने वाले अनिल ने कहा कि वे खट्टर की बातों से बिल्कुल भी सहमत नहीं है। हम 21वीं सदी में आकर इन चीजों पर रोक नहीं लगा सकते।
दूसरे नेता अश्वनी कुमार चोपड़ा ने कहा कि खट्टर की उम्र के लोग कट्टर और परंपरावादी सोच के हैं। वर्तमान की परिस्थितियां ऐसी नही हैं जैसा वो चाहते हैं।
खट्टर के बयान पर कांग्रेस ने भी निशाना साधा है। करनाल से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे सुरेंद्र सिंह नरवाल ने कहा कि ऐसे विचार बिल्कुल गलत हैं। लोगों को रुढ़िवादिता छोड़कर समय के साथ बदलना चाहिए।