दिल्ली चिड़ियाघर में गुजरात के शेरों की दहाड़ सुनने के लिए पर्यटकों को और इंतजार करना पड़ सकता है। अगले महीने से दिल्ली चिड़ियाघर में गुजरात के तीन शेर के दहाडने की संभावना है। शेरों के आने में देरी को मौसम का मिजाज प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
दिल्ली चिड़ियाघर में गुजरात के सरदार पटेल चिड़ियाघर से तीन सिंह लाए जाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने पिछले महीने ही दोनों चिड़ियाघरों को अपने पास से मंजूरी दे दी थी। मंजूरी मिलने के बाद तीन शेरों को सितंबर में दिल्ली चिड़ियाघर लाए जाना था। इसके लिए दिल्ली चिड़ियाघर की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं, लेकिन सरदार पटेल चिड़ियाघर की तरफ से लॉजिस्टिक को लेकर हो रही परेशानी व मौसम में अधिक नमी होने के कारण एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम को इस महीने के लिए टाल दिया गया है।
चिड़ियाघर के एक अधिकारी के मुताबिक, यह मौसम वन्यजीवों को लाने व ले जाने के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है। वातावरण में नमी का अधिक स्तर होने की वजह से वन्यजीव को सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस वजह से कई बार वन्यजीवों की तबीयत भी बिगड़ जाती है। इसको देखते हुए फिलहाल तीन शेरों को लाने के लिए समय सीमा को बढ़ा दिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि वन्यजीवों की अदला बदली के लिए अक्टूबर से लेकर मार्च तक का महीना सबसे बेहतर होता है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले महीने से दिल्ली चिड़ियाघर में नए वन्यजीवों को लाने का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। इस कड़ी में लंबे समय से विलंबित प्रस्तावों पर भी मुहर लगने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली चिड़ियाघर में वन्यजीवों का कुनबा भी बढ़ सकता है।
अभी रोहन और हेमा की दहाड़ सुन खुश होते हैं पर्यटक
वर्तमान में दिल्ली चिड़ियाघर में रोहन और हेमा सिंह की दहाड़ सुनने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं। इनसे पहले चिड़ियाघर में अमन नाम का सिंह भी हुआ करता था जिसकी बीमारी के कारण कुछ समय पहले मौत हो गई है। इसके बाद से चिड़ियाघर के दो बाड़ों में ही पर्यटकों को सिंह का दीदार करने को मिलता है।