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Delhi Crime: दुबई का वीजा दिलवाने का झांसा देकर लाखों की ठगी, साइबर सेल मामले की छानबीन में जुटी

Wed, 22 Jun 2022 06:21 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दुबई का वीजा दिलवाने के नाम पर ठग ने लाखों की ठगी की है। पीड़ित की ठग से जान-पहचान मैट्रिमोनियल साइट पर बेटी के प्रोफाइल के जरिए हुई। मामले की जांच द्वारका जिले की साइबर सेल कर रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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मोहन गार्डन इलाके में दुबई का वीजा दिलवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने का मामला है। मैट्रिमोनियल साइट पर अपनी बेटी के प्रोफाइल के जरिए पीड़ित की आरोपी से जान पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने दुबई की कंपनी में नौकरी और वीजा दिलवाने की बात कही। आरोपी ने अपने झांसे में लेकर पीड़ित और उसके परिचितों से लाखों रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर द्वारका जिले की साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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इसरार अहमद सिद्दीकी सपरिवार मोहन गार्डन इलाके में रहते हैं। उसने शनिवार को साइबर सेल में ठगी की शिकायत की है। जिसमें उसने आरोप लगाया कि वह बेटी की शादी के लिए लड़के की तलाश कर रहा था। वर्ष 2021 में मैट्रिमोनियल साइट पर अपनी बेटी के प्रोफाइल के जरिए उसकी जान पहचान सैयद वकार रिजवान से हुई। सैयद वकार ने अपने पिता का मोबाइल नंबर दिया। उसके पिता रिजवान अहमद से बात हुई। पिता ने वकार रिजवान के फोटोग्राफ और बॉयोडाटा भेजे। उसने बताया कि उसका बेटा दुबई की एक कंपनी में टीम लीडर है और बेटे का दुबई वाला फोन नंबर दिया।
 
उसके बाद उस नंबर पर सैयद वकार से बातचीत होने लगी। पीड़ित ने आरोप है कि सितंबर 2021 में आरोपी ने बताया कि कंपनी ने दस वीजा दिया है। उसने पीड़ित से कहा कि वह छह सात लोगों की नौकरी अपनी कंपनी में लगवा देगा। छह लोगों ने अपने कागजात भेज दिए, जिसमें पीडित के कागजात भी थे। सैयद वकार ने कहा कि सभी के दस्तावेज मंजूर हो गए हैं। सभी को 70-70 हजार रुपये देने होंगे। उसके बाद वीजा तैयार हो जाएगा। पीड़ित ने सभी से पैसे लेकर बैंक खातों में 4.30 लाख रुपये डाल दिए। उसके बाद से आरोपी कोई न कोई बहाने बनाने लगा।
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अप्रैल 2022 तक वीजा नहीं मिलने पर पीड़ितों ने वकार की कंपनी के वेबसाइट को खंगाला। कंपनी का नंबर लेकर उनसे संपर्क किया। कंपनी से पता चला कि वकार डेढ़ साल से कंपनी में अस्थायी तौर पर काम करता है और उसके पास विजिट वीजा है। वकार से बात करने पर उसने पैसे देने से इंकार कर दिया। उसने किसी से भी शिकायत करने की धमकी दी। उसके बाद पीड़ितों ने साइबर सेल में शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दी जा रही है। 

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