दिल्ली नगर निगम के स्कूलों का बहुत जल्द पूरा नक्शा बदला हुआ नजर आएगा। इसका खाका तैयार कर एमसीडी ने 25 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इनकी भौतिक संरचना में बदलाव के साथ डेस्क, बेंच, कुर्सियां सहित सारे सामान बदले जाएंगे।
एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि पायलट प्रोजेक्ट में बेहतर परिणाम मिलने के बाद सभी स्कूलों को योजना के दायरे में लाया जाएगा। एमसीडी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने स्कूलों की आधारभूत संरचना में काफी बदलाव किया है। स्मार्ट कक्षाएं, उपयोगी लाइब्रेरी, बच्चों व अभिभावकों की काउंसलिंग और अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई जैसी पहल से एमसीडी स्कूलों में की छवि बदली है। लाजपत नगर एमसीडी स्कूल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसको विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों की सूची में शामिल किया गया है। एमसीडी को उम्मीद है कि आने वाले समय में इससे उनके स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी।
सभी जोन के स्कूलों को शामिल किया
एमसीडी ने पायलट प्रोजेक्ट में सभी जोन के स्कूलों को शामिल किया है। पूर्वी दिल्ली में शाहदरा दक्षिणी जोन के अनारकली, उत्तरी दिल्ली में केशवपुरम जोन के शकूरपुर एफ-ब्लॉक, नरेला जोन के रोहिणी सेक्टर-27, दक्षिणी दिल्ली में नजफगढ़ जोन के रेवला खानपुर, दक्षिणी जोन के घिटोरनी और मध्य जोन के अमर कॉलोनी जैसे बाकी स्कूलों को चुना गया है। एमसीडी स्कूलों में इस बदलाव के लिए अपने संसाधनों के अलावा कई एनजीओ और व्यापार संघों के सामाजिक सहयोग फंड (सीएसआर) का सहयोग ले रहा है।
स्कूलों में एक जैसी कक्षाएं बनाने की तैयारी
इन सभी स्कूलों में एक जैसी कक्षाएं बनाने की तैयारी है। किसी स्कूल में 1000 डेस्क में से 200 खराब हैं, तो केवल उन्हीं को नहीं, बल्कि सभी डेस्कों को बदल दिया जाएगा। ताकि एक बार स्कूल में सारी डेस्क नई हो जाएं। सभी कक्षाओं में प्रोजेक्टर, व्हाइट बोर्ड जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुने गए सभी स्कूलों में एक जैसी दिखने वाली कक्षाएं बनाई जाएंगी, जहां बच्चों को उच्च स्तरीय व्यवस्था दी जाएगी। उम्मीद है कि बच्चों को यहां बैठकर पढ़ने में आनंद आएगा।
-विकास त्रिपाठी, शिक्षा निदेशक, दिल्ली नगर निगम