जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन मनी लॉड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अस्थायी रूप से 7.25 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। गुरुवार को ईडी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के पूर्व पदाधिकारियों के मनी लॉड्रिंग मामले में अहसान अहमद मिर्जा की 7.25 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
पहले भी 14.32 करोड़ की संपत्ति की जा चुकी है कुर्क
ईडी ने एक बयान में कहा कि इस मामले में 14.32 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। इसमें मिर्जा और मीर मंजूर की 2.46 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति और फारूक अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। यह इस मामले की तीसरी कुर्की है।
51.90 करोड़ रुपये के फंड का हुआ दुरुपयोग
ईडी का कहना है कि अब तक की जांच से पता चला है कि अहसान अहमद मिर्जा ने जेकेसीए के अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर 51.90 करोड़ रुपये के जेकेसीए फंड का दुरुपयोग किया और अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक देनदारियों को निपटाने के लिए अपराध की आय का उपयोग किया।
श्रीनगर में मामला दर्ज होने के बाद शुरू हुई जांच
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के राममुंशी बाग पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के आधार पर जेकेसीए पदाधिकारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू हुई। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था। सीबीआई ने इस मामले में जेकेसीए के पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ 43.69 करोड़ रुपये के धन की हेराफेरी के मामले में आरोप पत्र दायर किया है।
ईडी द्वारा 1 नवंबर 2019 को मिर्जा के खिलाफ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीनगर की अदालत में गिरफ्तारी के बाद एक शिकायत भी दर्ज की गई थी। ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ी।