जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसायटी में 10वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में शार्ट सर्किट के कारण बुधवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। फ्लैट में रहने वाली तीन युवतियों ने किसी तरह आननफानन में बाहर निकलकर जान बचाई।
बिल्डिंग का फायर फाइटिंग सिस्टम भी खराब था। आसपास के लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाया। जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसाइटी का फ्लैट संख्या एन-1002 सचिन भल्ला का है। वह दूसरी सोसायटी में रहते हैं।
उन्होंने यह फ्लैट तीन युवतियों को किराए पर दे रखा है। बुधवार सुबह तीनों युवतियां बेडरूम में थीं, तभी अचानक ड्राइंग रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग लगते ही तीनों युवतियां बाहर भागीं और शोर मचा दिया।
सोसायटी का फायर फाइटिंग सिस्टम भी खराब था। आननफानन में आसपास के लोगों ने घरों से पानी लाकर आग बुझाई।
करीब तीस मिनट में आग पर काबू पाया जा सका। आग में कमरे में रखा बेड, कूलर और अन्य सामान मामूली रूप से जल गया।
लोगों की परवाह नहीं
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रविंद्र सैनी ने बताया कि करीब 17-18 मंजिला बिल्डिंग में तकरीबन एक हजार परिवार रहते हैं। सोसायटी का फायर फाइटिंग सिस्टम भी खराब है।
गत वर्ष भी एक फ्लैट में आग लग गई थी, तक भी फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं चला था। शिकायत करने के बाद भी बिल्डर फायर फाइटिंग सिस्टम सही नहीं करा रहा है।
पिछले साल फायर डिपार्टमेंट ने बिल्डर को नोटिस भेजा था, मगर कोई एक्शन नहीं लिया गया। एफएसओ सोमदत्त ने बताया कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। सोसायटी का फायर फाइटिंग सिस्टम खराब है। बिल्डर पर कार्रवाई की जाएगी।
बिल्डर की लापरवाही लेगी रेजिडेंट्स की जान
बिलडरों की लापरवाही गगनचुंबी इमारतों में रह रहे हजारों रेजिडेंट्स की जान ले लेगी। हॉट सिटी में गगनचुंबी इमरतों में आग लगने की बीते दो वर्षों में दो घटनाएं हुई, इसके बावजूद फायर विभाग बिल्डरों के नोटिस जारी करने के अलावा कुछ नहीं कर रहा।
सोसायटीज में अग्रिशमन यंत्र डंप पड़े हैं। बिल्डरों ने बहुमंजिला इमारत तो खड़ी कर दी मगर यहां आग से बचाव के पर्याप्त उपाए नहीं किए।
आग लग जाए तो उसे बुझाने के लिए अधिकांश सोसायटी में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम डंप मिलेंगे। ऐसे में लाखों लोग जान जोखिम में डालकर यहां रह रहे हैं।
इंदिरापुरम में करीब 75, वैशाली में 30 और कौशांबी 45 बहुमंजिला इमारते हैं जबकि वसुंधरा में दस मंजिला इमारतों का निर्माण हो रहा है। यहां आग लगने पर व्यवस्था राम भरोसे है।
हाइड्रोलिक मशीन की मांग
कंफडरेशन ऑफ ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए के कोआर्डिनेटर कुलदीप सक्सेना ने बताया कि बहुमंजिला इमारतों में आग लगने पर सुरक्षा के लिए हाइड्रोलिक मशीन की मांग की गई थी मगर नहीं आ सकी।
आग लगने पर जारी हेल्प लाइन नंबर भी मिलाओ तो दिल्ली में फोन उठता है। ऐसे में अगर सोसायटी के अग्रिशमन यंत्र भी नहीं काम करेंगे तो परेशानी होगी।
घटनाएं
26 अक्तूबर 2015 : आम्रपाली ग्रीन सोसायटी की 10वीं मंजिल पर अवैध तौर पर चल रही फैक्ट्री में सिलेंडर फटाने से आग लगी थी।
11 जुलाई 2014 : एटीएस सोसायटी के बेसमेंट में आग लगी थी। जिससे वहां रखे के डीजल के ड्रमों ने आग पकड़ ली थी।