मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो विदेशी नागरिकों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नाइजीरियन नागरिक साइमन ओडिक्पो और कौटानी एरीसेट्स उर्फ कोलिंस के रूप में हुई है। आरोपियों के बैंक खातों से पता चला है कि पिछले कुछ ही दिनों में आरोपियों ने देशभर के 200 से अधिक लोगों से 1.50 करोड़ से अधिक की ठगी की है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिये लोगों से दोस्ती करते थे। इसके बाद उनको विदेश से तोहफे भेजने के नाम पर ठगते थे। इनके निशाने पर भारतीय महिलाएं थीं। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, दो राउटर, चार मोबाइल फोन, 26 बैंक खातों के अलावा एक लाख रुपये बैंक में फ्रीज किए हैं।
मध्य जिला की पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पिछले दिनों एक महिला ने 12 लाख से अधिक की रकम की ठगी की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी थी। पीड़िता ने बताया कि मार्च 2022 में फेसबुक पर उसे किसी रिचर्ड माइकल नामक व्यक्ति ने फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजी थी। उसने खुद को यूके के बड़े अस्पताल में डॉक्टर बताया। दोस्ती होने पर एक दिन आरोपी ने पीड़िता से उसके घर का पता मांगा। उसने कहा कि उसकी बेटी का जन्मदिन है और वह उसके लिए तोहफा भेजना चाहता है। घर का पता देने के बाद 11 अप्रैल को सुबह के समय पीड़िता को एक कॉल आई। कॉलर ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का अधिकारी बताया। उसका कहना था कि किसी रिचर्ड ने उसके लिए यूके से पार्सल भेजा है।
पार्सल लेने के लिए उसे 35 हजार रुपये चुकाने होंगे। पीड़िता ने रुपये भेज दिए। इसके बाद उससे 70 हजार रुपये मांगे गए। धीरे-धीरे पीड़िता से करीब 12 लाख रुपये ठग लिए।
मामला दर्ज कर पुलिस ने बैंक खातों और सीडीआर की मदद से आरोपियों का पता किया। इसके बाद टीम ने एक आरोपी साइमन को डाबड़ी से दबोच लिया। वह पालम के महावीर एंक्लेव में रहता था। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2017 में वह मेडिकल वीजा पर तीन माह के लिए भारत आया था। इसके बाद वह वापस नहीं गया। यहां उसकी मुलाकात दूसरे नाइजीनियन नागरिक कोलिंस से हुई। दोनों ने ठगी का धंधा शुरू कर दिया। पुलिस ने साइमन से पूछताछ के बाद कोलिंस को भी दबोच लिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।