एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में कुल 11 आरोपियों में से सैयद मकबूल सजा पाने वाला पांचवां व्यक्ति है। महाराष्ट्र के नांदेड़ क्षेत्र के मकबूल को देश और पाकिस्तान में स्थित इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों के साथ सक्रिय भागीदारी और अपराध व साजिश में शामिल होने के आरोप में 28 फरवरी 2013 को गिरफ्तार किया गया था।
जांच में पाया गया कि मकबूल इंडियन मुजाहिदीन के प्रमुख लोगों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखा। जिसमें पाकिस्तान में रहने वाले रियाज भटकल और भारत में रहने वाले इमरान खान और ओबैद-उर-रहमान शामिल हैं। मकबूल ने भारत के भीतर विभिन्न स्थानों पर हमले करने की साजिश रची, जिसमें हैदराबाद प्राथमिक लक्ष्य था। इन लोगों ने हैदराबाद समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों की टोह भी ली थी। 12 जुलाई को दानिश अंसारी, आफताब आलम, इमरान खान और ओबैद-उर-रहमान को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
वाराणसी, फैजाबाद में हुए धमाकों में था शामिल
यह मामला जिन आतंकी गतिविधियों से जुड़ा था उनमें सात मार्च 2006 का वाराणसी विस्फोट, 11 जुलाई 2006 के मुंबई सिलसिलेवार धमाके, 23 नवंबर, 2007 को यूपी की अदालतों में वाराणसी, फैजाबाद और लखनऊ में सिलसिलेवार धमाके, 25 अगस्त 2007 को हैदराबाद में दोहरे धमाके, 2008 में जयपुर सीरियल धमाके, दिल्ली सीरियल ब्लास्ट, अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट, 2010 में बंगलूरू में चिन्नास्वामी स्टेडियम धमाके और 2013 में हैदराबाद दोहरे विस्फोट शामिल थे। मार्च में, यासीन भटकल, असदुल्ला अख्तर, जिया-उर-रहमान, तहसीन अख्तर और हैदर अली समेम आरोपियों को औपचारिक रूप से मामले में आरोपित किया गया था।