पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएनए जांच के बिना यह कह पाना मुश्किल है कि कंकाल कार मालिक विनोद का ही है। लेकिन ड्राइविंग सीट पर कंकाल के मिलने और मृतक के कपड़े और पास ही पर्स मिलने से कंकाल विनोद के होने की पुष्टि हो रही है। पुलिस ने शनिवार को कंकाल का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके परिवार वालों के हवाले कर दिया है। साथ ही उनके परिवार वालों के ब्लड सैंपल लेकर उसे डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट आने के बाद यह तय हो जाएगा कि कंकाल विनोद का था और किन परिस्थिति में उनकी मौत हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम खेड़ा गांव के लोगों को रोहिणी सेक्टर 27 के पास मूनक नहर में एक क्षतिग्रस्त कार दिखाई दी। उनलोगों तुरंत पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। जांच करने के दौरान कार से एक कंकाल मिला। पंजीकरण संख्या के आधार पर पता चला कि कार बुध विहार निवासी विनोद के नाम पर पंजीकृत है। परिवार वालों से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि विनोद कार को कैब के रूप में चलाते थे। 30 सितंबर से वह लापता थे। लापता होने से पहले उन्होंने फोन पर बात की थी कि वह पीरागढ़ी में हैं। उसके बाद वह घर नहीं पहुंचे। अगले दिन परिवार वालों ने विजय विहार थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत की थी।
विजय विहार की थाना पुलिस करेगी मामले की जांच
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच विजय विहार थाना पुलिस करेगी।विनोद के परिवार वालों ने अक्टूबर 2020 में उनकी गुमशुदगी की शिकायत रोहिणी जिले के विजय विहार थाने में की थी। शव बाहरी उत्तरी जिले के समयपुर बादली थाना इलाके में मिलने की वजह से इस थाने की पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराकर शव को उनके परिवार वालों को सौंप दिया है। रोहिणी जिला के पुलिस अधिकारी का कहना है कि पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की आगे की जांच की जाएगी।
मई माह में भी कार चालक नहर के पास मिले थे बेहोश
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मई 2020 के मई माह में भी कार चालक विनोद अपनी कार में बेहोशी के हालत में मिले थे। परिवार वालों ने पूछताछ में बताया कि मई माह में उन्होंने परिवार वालों को बताया कि वह नहर के पास मौजूद हैं और उनकी तबीयत खराब हो रही है। सूचना मिलते ही परिवार वाले मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि विनोद कार को लॉक कर उसमें हीटर चला रखा है। वह बेहोशी की हालत में थे। परिवार वालों ने कार की खिड़की तोड़कर किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और डॉक्टर के पास ले गए। जहां पता चला कि उन्हें लकवा का अटैक हुआ था।
कुछ दिन इलाज चलने के बाद वह पूरी तरह से ठीक हो गए। उसके बाद वह फिर से कार चलाने लगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गायब होने वाली रात उसने परिवार वालों को बताया कि वह पीरागढ़ी इलाके में हैं और घर आ रहे हैं। उनके घर नहीं पहुंचने पर परिवार वालों ने थाने में अगले दिन उनकी गुमशुदगी की शिकायत की। लेकिन किन परिस्थिति में वह नहर के पास पहुंचे। उनकी कार दुर्घटनावश नहर में गिरी या फिर उन्होंने कार सहित छलांग लगाकर अपनी जान दी। इसकी जांच में पुलिस जुट गई है।