हरियाणा सरकार प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए अपना पूरा जोर लगा रही है। निवेश को पर लगाने के लिए गुडग़ांव के होटल लीला में सात-आठ मार्च को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हुई।
इस दौरान देशी-विदेशी निवेशकों के साथ प्रदेश सरकार ने 5.84 लाख करोड़ रुपये के 359 समझौते किए। मनोहर सरकार से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक ने निवेशकों से काफी लंबे चौड़े वायदे किए।
इन निवेशकों की नजर मनोहर सरकार के बजट पर भी लगी रही। विशेषज्ञों का कहना है यह बजट उन्हें भी निराश करने वाला है। उद्योग जगत से ताल्लुक रखने वालों का कहना है कि हरियाणा अपने ऐसे बजट से निवेशकों को कैसे खुश कर पाएगी।
उद्योग विहार इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव एपी जैन ने कहा कि बजट उद्योगों को निराश करने वाला है। ऐसे में विदेशी निवेशक हरियाणा की ओर कैसे आकर्षित होगें। ऐसे में यह अशंका प्रबल हो गई है कि विदेश का जो प्रस्ताव है वह आने वाले समय में प्रस्ताव ही साबित हो सकता है।
इसे हकीकत में बदलने के लिए सरकार को अलग से प्रयास करना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं होगा तो दिक्कत आ सकती है। गुडग़ांव के उद्यमी एसके आहूजा का कहना है कि जिन लोगों ने हरियाणा में निवेश के लिए एमओयू साइन किया है वह यहां की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। बजट को लेकर भी इनकी काफी दिलचस्पी रही।
इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने को लेकर बजट में सरकार की ओर से कोई ठोस व्यवस्था का नहीं होना ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के प्रयास पर पानी फेर सकता है। हरियाणा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के चेयरमैन किशन कपूर का कहना है कि सरकार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों को प्रोत्साहन की दिशा में कोई दूरदर्शिता नहीं दिखाई गई है।