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Delhi Riots: दिल्ली दंगा के आरोपी मोहम्मद सलीम की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा, रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

Tue, 24 May 2022 12:34 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता और न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने आरोपी की जमानत याचिका पर जांच एजेंसी को स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 20 जुलाई तय की है।
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने फरवरी 2020 में हुए दंगों के कथित साजिश से संबंधित गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) मामले में आरोपी मोहम्मद सलीम की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।

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न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता और न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने आरोपी की जमानत याचिका पर जांच एजेंसी को स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 20 जुलाई तय की है।

आरोपी खान ने इस आधार पर जमानत मांगी है कि उसे हिरासत में दो साल पूरे हो चुके हैं और इस मामले में उसकी भूमिका बहुत सीमित और वीडियो फुटेज पर आधारित है। खान ने अदालत से उसे अंतरिम जमानत पर रिहा करने का भी अनुरोध किया है। साथ ही उसने अदालत को बताया कि उसे एक अन्य मामले में जमानत मिल चुकी है, जो उसी वीडियो फुटेज पर आधारित है।
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निचली अदालत ने 22 मार्च को खान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। राष्ट्रीय राजधानी में हुए इन दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

खान पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और दंगों और साजिश से संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा प्राथमिकी में अपीलकर्ता के नाम या किसी भूमिका का खुलासा नहीं किया गया हो, लेकिन उसे 25 जून 2020 को वर्तमान मामले में 111 दिनों की देरी के बाद गिरफ्तार किया गया था। अपीलकर्ता अपील दायर करने की तिथि से पिछले 687 दिनों से जेल में है। इसके अलावा अभियोजन पक्ष ने उस सीसीटीवी वीडियो फुटेज के साक्ष्य का एक ही टुकड़ा पेश किया है जिसमें उसे फिर से वाइपर ले जाते हुए देखा जा सकता है, यह आरोप लगाते हुए कि उसने उस सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया था।

दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि अपीलकर्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर चांद बाग में सीएए का विरोध शुरू किया और भड़काऊ भाषण दिया। वह दूसरों के साथ-साथ विरोध के लिए एक जिम्मेदार व्यक्ति था और भोजन की व्यवस्था करता था और विरोध का खर्च वहन करता था।

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