गुरुग्राम। लगभग दो वर्ष से सार्वजनिक स्थलों पर हो रही जुमे की नमाज अब वक्फ बोर्ड की जमीन व मस्जिदों में ही होगी। देश-दुनिया में चर्चित हुए इस प्रकरण पर जिला उपायुक्त की बैठक में इमाम संगठन व संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के बीच आपसी सहमति बनी है। वक्फ बोर्ड व मस्जिद के 12 स्थलों सहित छह ऐसे अस्थाई स्थानों पर भी जुमे की नमाज की अनुमति पर सहमति बनी है जहां इमाम संगठन द्वारा प्रशासन को रखरखाव शुक्ल देना होगा। तय हुआ है कि जब वक्फ बोर्ड की सभी जमीन और मस्जिदों से अतिक्रमण हट जाएगा तो इन छह अस्थाई जगहों पर भी नमाज पढ़नी बंद कर दी जाएगी।
जिला उपायुक्त कार्यालय में सोमवार देर शाम तक चली बैठक में इमाम संगठन से दर्जन भर इमाम व संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के दो दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी शामिल रहे। इमामों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए साफ कहा कि शहर में जुमे की नमाज वही अदा कराते हैं, इसलिए इस मामले में कथित मुस्लिम नेताओं की राजनीति रोकना जरूरी है। 20 सार्वजनिक जगहों पर जुमे की नमाज से विवाद हो रहा है तो वह भाईचारा कायम करने के लिए इन सभी स्थलों पर नमाज न अदा करने का निर्णय ले रहे हैं। अब भविष्य में शहर में वक्फ बोर्ड की जमीन व मस्जिदों को मिलाकर कुल 12 स्थल व छह अस्थाई स्थलों पर ही नमाज अदा की जाएगी। जिस दिन सभी वक्फ बोर्ड की जमीन व मस्जिदों पर मुस्लिमों को कब्जा मिल जाएगा, उस दिन से इन छह अस्थाई स्थलों पर भी नमाज अदा नहीं की जाएगी। इसलिए प्रशासन उनको वक्फ बोर्ड की जमीन व मस्जिदों पर कब्जा दिलाने में मदद करे। इमाम संगठन ने यह भी कहा है कि नमाज पढ़ाने वाले इमामों का पहचान पत्र बनाया जाएगा, तकि निर्धारित इमाम ही नमाज अदा कर सकें। इस सहमति पत्र पर इमाम संगठन की ओर से मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद यासिर, मौलाना मोहम्मद शमून व मोहम्मद आदि इमामों ने हस्ताक्षर किए हैं। बैठक में संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्षा महावीर भारद्वाज, प्रदेश प्रवक्ता राजीव मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रहम प्रकाश कौशिक सहित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक खुर्शीद रजाका भी शामिल रहे।