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पत्नी बोली कुछ करो तो 58 की उम्र में शुरू किया खेलना, 72 मेडल जीते

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गुरुग्राम (दीपक शर्मा)। 68 वर्षीय धनीराम यादव ने उम्र को अपने हौसलों से पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली पुलिस में रहे धनीराम यादव ने करीब दस वर्ष पहले 58 वर्ष की आयु में खेलना शुरू किया। इसके बाद पीछे मुड़ कर नहीं देखा और 72 मेडल अपने नाम कर चुके हैं । यह सब हुआ धनीराम यादव की पत्नी की बदौलत। वर्ष 2009 में जब धनीराम यादव ने किराने की दुकान बंद कर दी तब उनकी पत्नी संतोष देवी ने कहा घर में बैठ कर क्या करोगे? तुम्हें कुछ करना है। इसके बाद धनीराम यादव में कुश्ती और एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अपने सफर की शुरुआत की। 2015 में पत्नी के निधन के बाद धनीराम यादव ने इसे जीवन का मिशन मान लिया।
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मूल रूप से मानेसर और अब शहर के गांधी नगर में रहने वाले धनीराम यादव कहते हैं कि वह 2017 में वडोदरा में हुई 21 किलोमीटर की इंटरनेशनल हाफ मैराथन में सिल्वर मेडल हासिल कर चुके हैं। 2016 में वह इसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। वह राष्ट्रीय स्तर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 29 मेडल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 40 मेडल जीत चुके हैं। 2019 में हैदराबाद में 10 किलोमीटर हाफ मैराथन में गोल्ड मेडल हासिल किया। अब तक वह 70 हाफ मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं।
उनकी यह उपलब्धियां युवाओं को भी प्रेरित करती हैं। धनीराम दिल्ली पुलिस में 1974 में भर्ती हुए थे। 1996 तक सेवा में रहे। इसके बाद गुरुग्राम के गांधी नगर में किराने की दुकान खोल ली। 2009 में जब बेटे की नौकरी लग गई तो दुकान बंद कर दी। इसके बाद पत्नी ने घर में खाली बैठने की जगह कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद धनीराम ने अपने आयु और भार वर्ग में कुश्ती लड़ने की शुरुआत की। धनीराम कहते हैं वह स्कूली जीवन में कबड्डी और फुटबॉल के खिलाड़ी रहे थे और स्कूल की टीम के कैप्टन थे। उनके परिवार में धर्मेंद्र कुमार है जो केंद्रीय विद्यालय में गणित का अध्यापक है। बेटी ममता भी टीचर है।
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बाबा रामदेव को दे दी थी कुश्ती की चुनौती
अपने बुलंद हौसले की बदौलत ही 31 जनवरी 2017 को धनीराम यादव ने योग गुरु बाबा रामदेव को भी कुश्ती के लिए मुकाबले की चुनौती दे डाली। इसका एक वीडियो यूट्यूब पर भी मौजूद है। धनीराम कहते हैं कि मुकाबला तो नहीं हुआ लेकिन उन्होंने उस समय कहा था कि अगर वह मुकाबला जीतते हैं तो उन्हें कुछ नहीं चाहिए।
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