गुरुग्राम। सेक्टर-10 के नागरिक अस्पताल में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब डिलीवरी कराने आई एक महिला बीच सीढ़ियों पर बैठकर प्रसव पीड़ा से चिल्लाने लगी। उसकी आवाज से अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी सकते में आ गए। किसी तरह उसे प्रसव कक्ष तक पहुंचाया गया, वहां महिला ने बच्चे को जन्म दिया। बाद में परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों में देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ के कारण महिला को समय पर मदद नहीं पहुंचाई गई। फिलहाल जच्चा और बच्चा अस्पताल के गायनी वार्ड में भर्ती हैं और दोनों ही स्वास्थ्य हैं। मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे भवानी एन्क्लेव निवासी पूजा डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंची। अस्पताल के गेट पर ही उसे भयंकर प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिस वजह से परिजन उसे जल्दबाजी में लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों से ही पहली मंजिल पर बने गायनी वार्ड में लेकर जाने लगे। महिला मोटापे के कारण कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही दर्द से ज्यादा परेशान हो गई और बीच सीढ़ियों पर ही बैठ गई। इस दौरान वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी।
उसकी आवाज सुनकर उसके आसपास लोग जमा हो गए। एकबारगी लगा कि महिला महिला की डिलीवरी सीढ़ियों पर होगी, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी किसी तरह उसे गायनी वार्ड तक लेकर जाने में सफल रहे। इस बीच महिला के साथ आए रविंद्र कुमार के साथ दूसरे लोगों ने अस्पताल के कर्मियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि जब महिला अस्पताल के गेट पर पहुंची तो वहां ना स्ट्रेचर था और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मी। किसी ने उन्हें लिफ्ट का रास्ता भी नहीं बताया। मजबूरन सीढ़ियों के जरिए ही वार्ड में ले जाने लगे। दर्द से कराह रही पूजा की तकलीफ बढ़ी तो वह बेसुध होकर सीढ़ियों में बैठ गई। गनीमत यह रही कि परिजनों ने उसे संभाल लिया और यहां से गुजर रहे अन्य मरीजों व उनके परिजनों की मदद लेकर उसे वार्ड तक पहुंचाया। लोगों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ की यह लापरवाही कोई पहली बार नहीं है। दर्द से कराह रही गर्भवती को गायनी वार्ड में पहुंचाने के लिए अस्पताल का कोई स्टाफ आगे नहीं आया।
गायनी वार्ड पहली मंजिल पर बना है, लेकिन मरीजों के लिए हर समय स्ट्रेचर और कर्मचारी मुख्य गेट पर तैनात रहता है। महिला के परिजन अपनी मर्जी से उसे सीढ़ियों से ऊपर लेकर जा रहे थे। बाद में स्टाफ ने उसे गायनी वार्ड तक पहुंचाकर सुरक्षित डिलीवरी करा दी है। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वास्थ्य हैं, जल्द ही उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी। फिर भी लापरवाही के लिए स्टाफ को चेतावनी दी है और लापरवाही किस स्तर पर हुई इसका पता लगाया जा रहा है। - डॉ. बलविंद्र सिंह, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, सेक्टर-10 अस्पताल