गुरुग्राम। जल संचयन के लिए बनी गुरुजल सोसाइटी की कवायद रंग लाने लगी है। पटौदी खंड के गांव मौजाबाद में जमीनी जलस्तर ढाई मीटर तक ऊपर आ गया है। सोसाइटी प्रबंधन की ओर से अभी मौजाबाद की रिपोर्ट की प्रशासन को सौंपी गई है। दूसरे स्थानों पर जल स्तर मापकर जल्द ही प्रशासन के साथ साझा कर वहां की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। इसी साल दो जून को सोसाइटी ने गांव का भूजल स्तर मापा तो यह 38.46 मीटर पाया गया। 17 मार्च 39.92 मीटर पर भूजल मिला, जबकि 15 फरवरी को भूजल स्तर 40.30 मीटर था। इस रिपोर्ट से साफ होता है कि तालाब का जीर्णोद्धार करने के बाद से लगातार गांव का भूजल स्तर सुधर रहा है।
इसका कवायद का प्रभाव खंडवार भूजल स्तर का पूरा आकलन करने पर देखने को मिलता है। पिछले दो वर्षों में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। गुरुग्राम खंड में वर्ष 2010 में भूजल स्तर 35.42 मीटर था जो साल 2018 में बढ़कर 32.77 हो गया। पिछले दो वर्षों में इसमें अधिक सुधार हुआ और 2020 में यह 27.74 मीटर पर पहुंच गया। सोहना में भी करीब तीन मीटर का प्रभाव दिख रहा है। यहां साल 2010 में भूजल स्तर 25.81 मीटर था। साल 2018 में यह बढ़कर 24.90 हुआ जो साल 2020 में 22.74 मीटर पर पहुंच गया है। फर्रुखनगर खंड में साल 2010 में यहां का जल स्तर 20.75 मीटर था। साल 2018 में यह मामूली सुधार के साथ 19.92 हो गया। जो साल 2020 में करीब दो मीटर के सुधार के साथ 17.43 हो गया। पटौदी खंड में साल 2010 में यह 37.47 मीटर था जो साल 2018 में 35.49 मीटर हो गया। साल 2020 में यह सबसे अधिक आठ मीटर के सुधार के साथ 29.23 मीटर हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पिछले छह महीनों में इनमें और सुधार हुआ है।
बड़े पैमाने पर जल संचयन से बनेगी बात : सारवान
गुरुजल सोसाइटी के सचिव (संयोजक) और जिला एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार सारवान के मुताबिक जिला में बड़े पैमाने पर जल संचयन की जरूरत है। इसीलिए सोसायटी की ओर से जिला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 324 तालाबों को जीर्णोद्धार के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से 17 पर काम चल रहा है। कुछ का काम पूरा हो गया है। गांव हरियाहेड़ा, दौला, ताजनगर, पलासौली, बिलासपुर, खेंटावास, मोजाबाद, इकबालपुर, हरचंदपुर, चांदला डूंगरवास, बुढ़ेड़ा के तालाबों को पंचायती राज के तहत जीर्णोद्धार करने का काम शुरू किया गया।
सीजीडब्ल्यूबी रिपोर्ट 2009 के अनुसार, गुरुग्राम में भूजल निकासी दर, पुनर्भरण दर से 308% अधिक है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गुरुग्राम के जिला प्रशासन ने हीरो मोटो कॉर्प के साथ मिलकर गुरुजल सोसाइटी का गठन किया है। अब तक 6 तालाबों का जीर्णोद्धार किया है।