गुरुग्राम। मानेसर इंडस्ट्रियल एरिया के सेक्टर तीन स्थित एक निजी कंपनी के बाहर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने दो बसों में तोड़फोड़ कर एक बस में आग लगा दी। आरोप है कि ये आग दो दिवसीय हड़ताल पर बैठे कुछ कर्मियों ने लगाई है। निजी कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे इन लोगों की प्रबंधन से कुछ मुद्दों को लेकर असहमति है, इसलिए यहां धरना हो रहा था।
इलाके में धारा 144 लागू होने के बाद भी कर्मियों ने न सिर्फ प्रदर्शन किया, बल्कि उन्होंने बसों में तोड़फोड़ करने के बाद आग भी लगा दी। इस दौरान सड़क पर कुछ देर के लिए पथराव भी हुआ। जिससे राहगीरों में दहशत हो गई। ये बसें एक निजी कंपनी की बताई जा रही है, जो कर्मियों के आवागमन के लिए आई थी। यही नहीं प्रदर्शनकारियों पर सुबह अन्य कर्मियों को ड्यूटी पर जाने से रोकने का भी आरोप है। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
इससे पहले सुबह दो दिवसीय हड़ताल पर बैठे इन कर्मचारियों ने दोपहर बाद तक कंपनी के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट अजय कुमार और नायब तहसीलदार मानेसर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी दी की वो हिंसक प्रदर्शन न करें, अन्यथा कार्रवाई होगी। इसके बाद भी कुछ कर्मियों ने अचानक नारेबाजी करते हुए शाम पांच बजे दो निजी बस में तोड़फोड़ करने के बाद एक में आग लगा दी।
आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन यादव ने इसकी घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों का ये रवैया गलत है। इस तरह का प्रदर्शन कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि कर्मचारी और कंपनी एक परिवार की तरह होते हैं। अगर परिवार के सदस्य ही एक दूसरे को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दें तो आगे नहीं बढ़ा जा सकता है।