अब भी फंसे हैं लगभग 80 छात्र
सीएम ने कहा कि प्रदेश के लगभग 80 छात्र अभी भी यूक्रेन के शहरों में फंसे हुए हैं। उनसे संपर्क बना हुआ है। जब सभी विद्यार्थी यूक्रेन से वापस आ जाएंगे तो इनके भविष्य की चिंता भारत सरकार व मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया करेगी और हम उनके निर्देशों का पालन करेंगे। विद्यार्थियों की डिग्री के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज में ये विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, डिग्री उसी कॉलेज को ही देनी है। जिन विद्यार्थियों का बहुत कम समय (2-3 माह) रह गया है, उनको डिग्री वहां से कैसे मिले, इसके बारे में स्थिति सामान्य होने के बाद बातचीत की जाएगी।
छात्रों को इंटर्नशिप का मौका देगी सरकार
इससे पहले छात्रों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग बहुत समस्याएं झेलकर वापस आए हैं। आपको लग रहा होगा जैसे कि युद्ध के मैदान से आए हैं। सीएम ने छात्रों को बताया कि प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि जिन विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा हो गया है उन्हें इंटर्नशिप का मौका देंगे। उसके बाद नियम अनुसार एफएमजीई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन) की परीक्षा पास करनी होगी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सुझाव भी मांगे, जिस पर छात्रों ने खुलकर अपने-अपने सुझाव दिए।
राष्ट्रीय ध्वज लगे वाहनों को जाने दिया जा रहा
छात्रों ने बताया कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज लगे वाहनों को बॉर्डर क्रॉस करने दिया जा रहा है। जब विद्यार्थियों से पूछा गया कि क्या स्थिति सामान्य होने पर वे फिर से यूक्रेन में पढ़ाई करने के लिए जाना चाहेंगे तो अधिकांश ने हां में जवाब दिया। इस मौके पर पटौदी विधायक सत्यप्रकाश जरावता, भाजपा जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़ समेत अन्य मौजूद रहे।