गुरुग्राम। सीआईए सेक्टर-31 ने दो माह पहले खेड़कीदौला क्षेत्र में पचास लाख रुपये की हुई चोरी के मामले में दिल्ली-पुलिस के स्पेशल सेल के एएसआई विकास गुलिया की दो दिन की रिमांड पूरी की। पूछताछ के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल उसकी ब्रेजा कार, मोबाइल व कुछ जमीन के रजिस्ट्री पेपर बरामद किया है।
विकास गुलिया ने पुलिस को बताया कि उसका इस चोरी से कोई लेना-देना नहीं है। उसे विदेश में बैठे गैंगेस्टर विकास लगरपुरिया का फोन आया था कि एयरपोर्ट के पास काले रंग की स्कार्पियो में कोई व्यक्ति मिलेगा। जो एक बैग देगा। बैग से एक लाख रुपया निकाल कर आगे कहीं पहुंचाना है। उसने बैग से एक लाख रुपया निकाल कर चांदनी चौक में खड़े व्यक्तिको पकड़ा दिया। पुलिस ने उससे इसके लिए इस्तेमाल हुई ब्रेजा कार व मोबाइल बरामद किया है। पुलिस ने सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जहां पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। 2015 में विकास लगरपुरिया को स्पेशल सेल मेें करवाया था सरेंडर
आठ लोग चोरी में थे शामिल
पुलिस की छानबीन में बिल्डर के आफिस में हुई चोरी का मास्टर माइंड विकास लगरपुरिया है। इसमें कंपनी में काम करने वाले दो कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके चलते पुलिस ने प्रवीण व मोहित को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस को पता चला कि चोरी का हिस्सा मिलने के बाद दोनों अपने घर गए थे। हिस्से का पैसा ठिकाने लगा कर वापस आकर काम पर लग गए।
दिल्ली पुलिस ने एएसआई को निलंबित किया
सीआईए सेक्टर 31 की ओर से चोरी के मामले की चल रही जांच में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एएसआई आरोपी पाये जाने पर डीसीपी हेडक्वार्टर की ओर से उसे निलंबित कर दिया गया है। उसके निलंबन के बाद उसके खिलाफ विभागीय जांच खोल दी गई है। जानकारी के अनुसार एएसआई विकास गुलिया सिपाही के पद से भर्ती हुआ था। अपने काम के चलते उसे दो बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला है।
पचास लाख रुपये की चोरी के मामले में अब तक छह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इसमें दो आरोपी बिल्डर के पास काम करने वाले कर्मचारी व तीन लगरपुरिया के लिए काम करने वाले अपराधी हैं। दिल्ली पुलिस के स्पेशल के एएसआई को भी जेल भेजा चुका है।
- आनंद इंस्पेक्टर, सीआईए सेक्टर 31, गुरुग्राम।