आलू की खेती करने वाले हिर्नोटी गांव निवासी विजेंद्र प्रधान का कहना है कि इस बार आलू की कम बुवाई हुई है। गत वर्ष मार्च अप्रैल में 50 किलो आलू का कट्टा 450 का था जोकि इस बार 850 रुपये से 1100 तक मार्केट में बिक रहा है। आलू में ज्यादा लागत आने के कारण भी किसान इसकी कम खेती करते हैं।
बिलासपुर के आसपास क्षेत्र के गांवों के किसान अमित भाटी, प्रहलाद, शाहिद, सुरेश, पुष्पेंद्र शर्मा, महेश भाटी का कहना कि आलू की इस क्षेत्र में चार-पांच वैरायटी बोई जाती है। सबसे महंगा आलू चिपसोना है। इसकी बोरी 1000-1100 में बेची जा रही है। 3797 नंबर किस्म की बोरी 850 रुपये में बेची जा रही है। इसके अलावा सूरया बोया जाता है। जबकि फुटकर में यह 20-25 किग्रा बेचा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस बार कोल्ड स्टोरेज मालिक खेतों से आलू ले जा रहे हैं जबकि पहले किसान को खुद कोल्ड स्टोर भेजना पड़ता था। गृहणी मनीषा व ममता ने बताया कि आलू की जब नई फसल बाजार में आती है तो घर में चिप्स व पापड़ पूरे वर्ष के लिए बनाकर रख लेती थीं। परंतु इस बार आलू महंगा होने के कारण चिप्स और पापड़ नहीं बना पा रही हैं।