रेरा के तहत रजिस्ट्रेशन की कही थी बात, अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक बिल्डर्स फर्म ने रेरा का रजिस्ट्रेशन दिखाकर प्लाट बेचकर महिला से 4.34 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस की ओर से सुनवाई नहीं होने पर महिला ने अदालत की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने बिल्डर कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार इस्लामपुर की रहने वाली सविता कुमारी ने अदालत में दी शिकायत में कहा कि एक बिल्डर कंपनी ने रेरा में अपना रजिस्ट्रेशन दिखाया। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास योजना के नाम पर सदर थाना क्षेत्र के ग्रीन सिटी में 166 वर्ग गज का मकान 4.34 लाख रुपये में बेचने की स्कीम बताई। पीडिता ने भी 2018 में पैसे देकर प्लाट खरीदा। बिल्डर ने कागजात भी बनवाकर दिए। एक साल बाद जब वह प्लाट वाले स्थान पर गईं तो वहां कुछ भी नहीं मिला। जब बिल्डर से इसकी शिकायत की तो वह टाल-मटोल करने लगा।
कुछ समय बाद बिल्डर ने उन्हें प्लाट वापस खरीदने की बात कही और पौने सात लाख रुपये का चेक पीड़िता को दिया। बैंक में वह चेक बाउंस हो गया। धोखाधड़ी का अहसास होने पर वह सदर थाने गई। पुलिस वालों ने उसे रेरा भेज दिया। इसके बाद सविता ने सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की ओर से न्याय न मिलने पर वह अदालत की शरण में गई। उसके आदेश पर रविवार को सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।