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Gurugram News: सड़कों पर पसर सकता है अंधेरा, ईईएसएल ने नगर निगम के साथ खत्म किया करार

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29 करोड़ रुपये है बकाया, भुगतान न होने के कारण ईईएसएल ने लिया फैसला
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अमर उजाला ब्यूरो



गुरुग्राम। आने वाले दिनों में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने गुरुग्राम की स्ट्रीट लाइट के लिए नगर निगम (एमसीजी) के साथ किए गए अपने समझौते को समाप्त कर दिया है। कंपनी की ओर से यह घोषणा कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि नगर निगम ईईएसएल को करीब 29 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान नहीं कर पा रहा था। इसकी वजह से कंपनी ने यह फैसला किया। अब इसके चलते आने वाले दिनों में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

करीब छह साल पहले 10 अक्तूबर 2017 को शहर में स्ट्रीट लाइट के लिए ईईएसएल और नगर निगम के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके तहत यह प्रावधान था कि नगर निगम एलईडी स्ट्रीट लाइट्स को लगाने के लिए ईईएसएल को एडवांस भुगतान करेगा। कंपनी की ओर से कहा गया है कि ईईएसएल ने मार्च 2018 में काम शुरू किया और नगर निगम से भुगतान नहीं मिलने के बावजूद जनहित में अगस्त 2018 तक 55 हजार लाइट्स लगाईं। नगर निगम ने पहले चरण में एक वर्ष से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद आंशिक भुगतान किया।
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कंपनी का दावा है कि अब तक ईईएसएल ने गुरुग्राम में लगभग 82,000 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स और लगभग 800 केंद्रीय नियंत्रित और निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) स्थापित की हैं। इसके लिए नगर निगम ने लगातार भुगतान नहीं किया। इसके बावजूद कंपनी ने 98 फीसदी से अधिक का प्रभावशाली अप टाइम बनाए रखा। 31 जुलाई, 2023 तक नगर निगम का कुल बकाया 21.08 करोड़ रुपये था, जिसमें 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त विलंबित भुगतान ब्याज जुर्माना भी शामिल है।

ईईएसएल ने 21 जून, 2023 को एमसीजी को एक औपचारिक भुगतान डिफ़ॉल्ट नोटिस जारी किया। इसके तहत 30 दिन की क्योर अवधि प्रदान की गई। हालांकि नगर निगम ने न तो डिफ़ॉल्ट को मंजूरी दी और न ही भुगतान के लिए कोई समय सीमा प्रदान की। नतीजतन, ईईएसएल के पास टर्मिनेशन नोटिस देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।





पांच वर्ष में गुरुग्राम के 35 करोड़ रुपये बचाने का दावा

ईईएसएल ने कई बार नगर निगम अधिकारियों को बकाया चुकाने के लिए कहा, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले पांच वर्षों में गुरुग्राम के लिए 35 करोड़ रुपये की लागत बचत की है। कंपनी के मुताबिक, नगर निगम अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा, जिसके कारण परियोजना अस्थिर हो गई है। गुरुग्राम नगर निगम समझौतों के अनुसार अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में विफल रहा है। परिणामस्वरूप अनुबंध 2 सितंबर, 2023 से स्वतः समाप्त हो गया। ईईएसएल अब गुरुग्राम में स्ट्रीट लाइटिंग रखरखाव के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।




देश में 1.32 करोड़ स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में बदला

स्ट्रीट लाइटिंग नेशनल प्रोग्राम (एसएलएनपी) को प्रधानमंत्री ने 5 जनवरी 2015 को लांच किया था। इसका उद्देश्य पूरे भारत में पारंपरिक स्ट्रीट लाइट्स को स्मार्ट और ऊर्जा-कुशल एलईडी स्ट्रीट लाइट्स से बदलना था। ईईएसएल इस पहल में सबसे आगे रहा है। कंपनी ने देश भर में 1.32 करोड़ से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइट्स सफलतापूर्वक स्थापित की है। इस वजह से ऊर्जा की पर्याप्त बचत, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी और नगर पालिकाओं के लिए महत्वपूर्ण राजस्व की बचत हुई है।





ईईएसएल ने कानूनी मदद लेने की बात कही



नगर निगम की ओर से लगातार भुगतान नहीं किए जाने के बाद भी ईईएसएल गुरुग्राम निवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्ट्रीट लाइटिंग सेवा प्रदान करने का प्रयास करता रहा। इसके चलते पांच वर्षों में करदाताओं को लगभग 35 करोड़ रुपये की बचत हुई है। ईईएसएल अब नगर निगम प्रशासन से डिफ़ॉल्ट भुगतान की वसूली के लिए कानूनी तरीकों की मदद लेगा।
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भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई : नगर निगम

ईईएसएल के बकाये के भुगतान के विषय में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता विक्की कुमार ने बताया कि कंपनी के भुगतान को आयुक्त की ओर से स्वीकृति दे दी गई है। जल्द से जल्द भुगतान की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। साथ ही मामले का हल भी निकाला जा रहा है।
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