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बनने से पहले ही वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का विरोध

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गुरुग्राम। फरीदाबाद रोड पर बंधवाड़ी में बनने वाले वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर अभी मंथन ही चल रहा है कि इसका विरोध भी शुरू हो गया है। हालांकि सरकार की ओर से 15 मेगावाट क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है और अब इसे 25 मेगावाट करने पर विचार किया जा रहा है। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त जसप्रीत कौर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिजनल ऑफिसर कुलदीप सिंह, संयुक्त आयुक्त हरीओम अत्री, निगम पार्षद महेश दायमा, विरेंद्र राज यादव, अश्विनी शर्मा की मौजूदगी में लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध किया। जन सुनवाई के लिए प्रशासन को ई-मेल के माध्यम से 200 आपत्तियां एवं सुझाव मिले हैं। जन सुनवाई के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि नियमों की उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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जन सुनवाई के दौरान लोगों ने कहा कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट देश में जहां भी लगा है, वहां फेल हुआ है। ओखला प्लांट को हाल ही में हवा प्रदूषित करने के लिए पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। बंधवाड़ी में करोड़ों टन मिक्स कूड़ा के पहाड़ को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में जलाने से गुरुग्राम और फरीदाबाद की हवा और भी ज्यादा प्रदूषित हो जाएगी। गुरुग्राम पहले ही सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार है।
विषैली हवा से बढ़ेगी बीमारियां
आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गुरुग्राम चैपटर की महासचिव डॉ. सारिका वर्मा ने कहा कि विषैली हवा से अस्थमा, एलर्जी, कैंसर, मानसिक रोग जैसी बीमारियां बढ़ती हैं। यहां तक की मां के पेट में पलता शिशु भी प्रदूषित हवा का शिकार बन जाता है। सेक्टर 30 की मलीहा आलवी ने कहा विकसित देशों में हरियाली और हवा को महत्व दिया जाता है। चंद्रमौली बासु ने कहा गुरुग्राम से फरीदाबाद तक फैली अरावली का दोहन किया जा रहा है। कभी अवैध निर्माण, कभी माइनिंग और कभी कूड़े के जरिए लगातार खनन हो रहा है। मानेसर के सुनील हरसाना ने कहा कि 15 साल पहले जब बंधवाड़ी में कूड़ा डालना शुरू हुआ था तब कहा गया था कि नौकरियां मिलेगी और सेहत को कोई नुकसान नहीं होगा। बंधवाड़ी गांव में कितने लोगों को कैंसर हो चुका है।
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शहर में सेक्टरवार वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट बने
लोगों ने कहा कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की जगह शहर के हर सेक्टर में वेस्ट मैनजमेंट यूनिट बनानी चाहिए। केवल नॉन री-साइकिलेबल वेस्ट ही बंधवाड़ी में डाला जाए। पिछले तीन साल से इको ग्रीन कंपनी सूखा और गीला कूड़ा यहां डाल रही है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। सवाल यह भी है कि निगम ने ई वेस्ट कलेक्शन प्वाइंट क्यों नहीं बनाए है? वेस्ट टू एनर्जी प्लांट विफल टेक्नोलॉजी है। लोगों के स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाएगी।
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