गुरुग्राम। उद्योग विहार फेस-4 स्थित एक कंपनी में सोमवार को आई आंधी से गिरे बिजली के खंभे को ठीक करते समय दो मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। कंपनी के मालिक ने तुरंत दोनों को दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती कराया। जहां सोमवार रात इलाज के दौरान एक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मूलरूप से बिहार के गोपालगंज निवासी जितेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जबकि घायल मजदूर की पहचान संजय महतो के रूप में हुई है। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए उक्त अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस ने घायल मजदूर की शिकायत पर कंपनी मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार घटना सोमवार दोपहर की है। हादसे में घायल संजय महतो ने बताया है कि वह उद्योग विहार फेस-4 स्थित लोहे की कटिंग करने वाली एक कंपनी में मजदूरी करता है। सोमवार दोपहर आंधी व तेज बारिश के चलते कंपनी की दूसरी साइट पर एक बिजली का खंभा गिर गया था। वह लोहे का था। उसमें लाइट व सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। दोपहर के समय जब वह जितेंद्र सिंह के साथ कंपनी में काम कर रहे थे, इस दौरान कंपनी मालिक मयंक अग्रवाल पहुंचे। वह उसे और जितेंद्र दोनों को अपने साथ दूसरी साइट पर ले गए। वहां उसने गिरे बिजली के खंभे को ठीक करने को कहा। पीड़ित के अनुसार उसने मालिक को बताया कि अभी बारिश हुई है, इससे खंभे में बिजली करंट हो सकता है, लेकिन मालिक ने दोनों को दो मिनट का काम बताकर, खंभे को जल्द ठीक करने का दबाव बनाया।
मालिक की बात में आकर दोनों उसे ठीक करने लगे। इस दौरान दोनों खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार रात जतिन्द्र की मौत हो गई। पुलिस ने कंपनी मालिक मयंक अग्रवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
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